राष्ट्रीय फार्माकोलॉजी दिवस पर डॉक्टरों ने दी जानकारी
नवीन औषधि खोज बढ़ावा देने पर सेमिनार

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। डॉक्टरों ने राष्ट्रीय फार्माकोलॉजी दिवस पर जानकारी साझा की। सोमवार को
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के औषधि विज्ञान विभाग द्वारा आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के सहयोग से राष्ट्रीय फार्माकोलॉजी दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन हाइब्रिड मोड में चलाया गया।
इस वर्ष की राष्ट्रीय फार्माकोलॉजी दिवस का थीम ”बेहतर स्वास्थ्य के लिए औषधि खोज को बढ़ावा देना” था। जिसे संस्थान निदेशक प्रो सीएम सिंह एवं प्रो. प्रद्युम्न सिंह, डीन के मार्गदर्शन में किया गया।
वहीं डॉ. गौतम पालित, पूर्व वैज्ञानिक, सीडीआरआई द्वारा “दवा की खोज: पेप्टिक अल्सर की बीमारी के लिए भारतीय औषधीय पौधों से ‘लीड्स’ (संभावित दवाएं) विकसित करने के वैज्ञानिक तरीके” विषय पर अतिथि व्याख्यान प्रस्तुत किया गया।
व्याख्यान में औषधि खोज के वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा पेप्टिक अल्सर रोग के उपचार हेतु नवीन औषधीय लीड विकसित करने में भारतीय औषधीय पौधों की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम में भविष्य के लिए प्रेरणा” विषय पर पूर्व छात्र विशेष का भी आयोजन किया गया। जिसमें विभाग के पूर्व छात्रों की व्यावसायिक यात्रा एवं उपलब्धियों को साझा किया गया।
विद्यार्थियों और युवा पेशेवरों को औषधि विज्ञान एवं जैव-चिकित्सीय अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का समापन आभार ज्ञापन के साथ हुआ।
प्रो अर्पिता सिंह, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, औषधि विज्ञान विभाग ने आयोजन अध्यक्ष के रूप में तथा डॉ. पारुल कमल, सहायक आचार्य, औषधि विज्ञान विभाग ने आयोजन सचिव के रूप में कार्यक्रम का संचालन किया।
कार्यक्रम ने संकाय सदस्यों, विद्यार्थियों, पूर्व छात्रों एवं स्वास्थ्य पेशेवरों के बीच शैक्षणिक संवाद और विचारों के आदान-प्रदान के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान किया।
इस अवसर पर औषधि खोज एवं विकास में फार्माकोलॉजी की महत्वपूर्ण भूमिका तथा सुरक्षित, प्रभावी एवं सुलभ उपचार विकल्पों के विकास के लिए निरंतर वैज्ञानिक अनुसंधान की आवश्यकता पर बल दिया गया।



