व्यापारियों ने बाजार बंद कर दिया सांकेतिक धरना
व्यापारियों ने सरकार एवं मंडी परिषद के खिलाफ जमकर नारेबाजी

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़ । व्यापारियों ने सरकार एवं मंडी परिषद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रविवार को जियो टैगिंग की अव्यावहारिक व्यवस्था के विरोध में व्यापारियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है।
लखनऊ किराना कमेटी एवं लखनऊ गल्ला खाद्य व्यापार मंडल के संयुक्त तत्वावधान में किराना बाजार, राजाबाजार, सुभाष मार्ग स्थित राम मंदिर के पास बाजार बंद कर जोरदार सांकेतिक धरना दिया गया।
व्यापारियों ने सरकार एवं मंडी परिषद के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए जियो टैगिंग व्यवस्था तत्काल समाप्त करने की मांग की।
धरने को संबोधित करते हुए लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने कहा कि सरकार व्यापारियों की सहनशीलता की परीक्षा न ले।
अब व्यापारी चुप बैठने वाला नहीं है। लगातार नए-नए नियम थोपकर व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है। जियो टैगिंग जैसी अव्यावहारिक व्यवस्था व्यापार को सरल बनाने के बजाय अधिकारियों के हाथ में व्यापारियों के उत्पीड़न का नया हथियार बना रही है।
उन्होंने कहा कि अधिकारी सरकार की मंशा के अनुरूप कार्य कर रहे हैं, लेकिन जमीन पर व्यापारियों की परेशानियों को सुनने वाला कोई नहीं है।
लालफीताशाही, अनावश्यक विभागीय उत्पीड़न से व्यापारियों का जीना मुश्किल कर दिया है। व्यापारी टैक्स देता है, रोजगार देता है और सरकार की अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है, लेकिन बदले में उसे नए-नए नियमों और नोटिसों का सामना करना पड़ रहा है।
अमरनाथ मिश्र ने दो टूक कहा कि अब यह लड़ाई केवल ज्ञापन देने तक सीमित नहीं रहेगी। यदि जियो टैगिंग व्यवस्था वापस नहीं ली गई तो प्रदेश के व्यापारियों द्वारा बाजारों को अनिश्चितकालीन बंद और चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
कृषि भवन से लेकर विधान सभा तक का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार को यह समझ लेना चाहिए कि व्यापारी अब अपने सम्मान और व्यापार के अधिकार के लिए सड़क पर उतर चुका है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में मंडी समिति के निदेशक को कई बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं और समाचार पत्रों के माध्यम से भी सरकार तक व्यापारियों की पीड़ा पहुंचाई गई है। इसके बावजूद समाधान न होने पर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसीपी चैक को सौंपा गया। वहीं
लखनऊ गल्ला खाद्य व्यापार मंडल के अध्यक्ष एवं लखनऊ व्यापार मण्डल के चेयरमैन राजेन्द्र कुमार अग्रवाल ने कहा कि जियो टैगिंग व्यापारियों के लिए अत्यंत जटिल और अव्यावहारिक व्यवस्था है।
परचून एवं थोक व्यापार में जारी होने वाले प्रत्येक गेट पास का गंतव्य तक पहुंचने पर जियो टैग के माध्यम से निस्तारण करना होगा।
शहर में नो-एंट्री के कारण माल की लोडिंग-अनलोडिंग देर रात अथवा सुबह होती है। ऐसे में प्रत्येक गेट पास की जियो टैगिंग कर उसका तत्काल निस्तारण करना व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि व्यापारी किसी ऐसी व्यवस्था को स्वीकार नहीं करेगा जो उसके व्यापार को कठिन बनाए और अधिकारी को मनमानी कार्रवाई का अवसर दे।
कृषि उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने कहा कि ट्रांसपोर्ट के माध्यम से आने वाले माल का समय निश्चित नहीं होता। एक ही वाहन में अलग-अलग जिंसों के लिए अलग-अलग गेट पास जारी होते हैं।
प्रत्येक गेट पास के लिए अलग जियो टैगिंग करना पड़ेगा। इसके बाद यदि माल दूसरे वाहन में स्थानांतरित होता है तो पुनः जियो टैगिंग की जाएगी। यह व्यवस्था व्यापार की गति को पूरी तरह बाधित कर देगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की बड़ी संख्या में मंडियां ग्रामीण क्षेत्रों में हैं और वहां के व्यापारियों तथा वाहन चालकों के लिए तकनीकी प्रक्रिया को हर बार पूरा करना आसान नहीं है।
वाहन चालकों के पास कई बार आधुनिक मोबाइल तक उपलब्ध नहीं होते। ऐसी स्थिति में तकनीकी गलती होने पर व्यापारी को दोषी ठहराया जाना पूरी तरह अनुचित होगा।
किराना कमेटी के महामंत्री प्रशान्त गर्ग ने कहा कि व्यापारी जियो टैगिंग की इस व्यवस्था का पुरजोर विरोध करते हैं। पहले से ही प्री-अराइवल स्लिप, गेट पास सहित कई ऑनलाइन प्रक्रियाएं लागू हैं।
उसके बाद जियो टैगिंग की अतिरिक्त व्यवस्था व्यापारियों पर अनावश्यक बोझ है। इसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए।
धरने में चेयरमैन राजेन्द्र कुमार अग्रवाल, कृषि उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र, महानगर अध्यक्ष अशोक कुमार अग्रवाल, किराना कमेटी के अध्यक्ष रामशंकर अवस्थी, महामंत्री प्रशान्त गर्ग, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र अग्रवाल, पाण्डेयगंज व्यापार मंडल के
महामंत्री राजकुमार अग्रवाल, गिरधर लाल गुप्ता, श्रवण मिश्रा, पीयूष जी रामचन्द्र अग्रवाल, सीताराम अग्रवाल, योगेन्द्र अग्रवाल, कृष्ण जीवन रस्तोगी, अमित अग्रवाल, सौरभ अवस्थी, अतुल कुमार अग्रवाल, कृष्ण गोपाल अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, संजय अग्रवाल, सोमिल गुप्ता सहित हजारों की संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।
अमरनाथ मिश्र ने कहा कि यदि सरकार ने तत्काल व्यापारियों की मांग नहीं मानी तो आंदोलन को लखनऊ से प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा। जिसमें सभी ट्रेड़ो के व्यापारी समल्लित होंगे। व्यापारी अब केवल आश्वासन नहीं, ठोस निर्णय चाहता है।



