निदेशक ने अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्थाओं को परखा
डॉ सिंह का निरंतर भ्रमण जारी, बढ़ी चौकसी

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्थाओं को परखा गया। मंगलवार को
बलरामपुर चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा मानकों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से निदेशक एवं प्रमुख अधीक्षक डॉ. बीके सिंह चौहान ने अस्पताल का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने करीब दो से तीन घंटे के तक अस्पताल के की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान सबसे पहले आपातकालीन सुरक्षा में अग्निशमन उपकरणों को स्वयं खुलवाकर व चालू करवाकर पानी के दबाव की जांच कराई। इसके साथ ही वार्डों में जाकर उन्होंने एक-एक भर्ती मरीजों से इलाज के बारे में जानकारी ली। ज्ञात हो कि
डॉ. बीके सिंह चौहान का चिकित्सालय से ऐतिहासिक जुड़ाव रहा है। उन्होंने वर्ष 1987 में इसी चिकित्सालय से अपनी इंटर्नशिप पूरी की थी।
जिसके बाद लगभग तीन वर्षों तक आपातकालीन चिकित्सा अधिकारी के रूप में सेवाएं दीं। इसके उपरांत वर्ष 2012 से 2018 तक वे यहां चिकित्सा अधीक्षक पद पर भी कार्यरत रहे।
अस्पताल की भौगोलिक स्थिति और प्रशासनिक बारीकियों की गहरी समझ होने के कारण वे हर छोटी-से-छोटी व्यवस्था पर स्वयं पैनी नजर रख रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान डॉ. सिंह ने कहा “जब कोई मरीज अस्पताल की चौखट पर कदम रखे, तो उसके मन में यह अटूट विश्वास होना चाहिए कि अब वह सही हाथों में है और जल्द ही स्वस्थ होकर लौटेगा।
हमारी प्राथमिकता केवल इलाज करना नहीं, बल्कि मरीज को सुरक्षा और त्वरित देखभाल का अहसास कराना है।
त्रिस्तरीय राउंड प्रणाली
अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को 24 घंटे गुणवत्तापूर्ण बनाए रखने के लिए एक विशेष राउंड शेड्यूल लागू किया गया है।
त्रिस्तरीय राउंड प्रणाली में..
सुबह का विस्तृत राउंड निदेशक एवं प्रमुख अधीक्षक द्वारा स्वयं 2-3 घंटे का गहन निरीक्षण।
शाम एवं रात्रि का औचक निरीक्षण चिकित्सा अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक की अलग-अलग टीमों द्वारा नियमित और आकस्मिक (Emergency) राउंड।
वहीं निरीक्षण के दौरान जो भी छोटी-मोटी कमियां पाई जाती हैं। उन्हें अगले ही दिन पूरी तरह दूर करने के सख्त निर्देश दिए जाते हैं, ताकि व्यवस्थाएं निरंतर सुचारू रहें।
अस्पताल प्रशासन का उदेश्य प्रत्येक मरीज को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा मिलती रहे।



