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डॉक्टरों ने ब्रेनस्टेम ट्यूमर सर्जरी करने में पायी बड़ी सफलता

संस्थान निदेशक ने सर्जरी टीम को दी बधाई 

 

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। ब्रेनस्टेम ट्यूमर से ग्रसित मरीज की सर्जरी करने में बड़ी सफलता हासिल की। शुक्रवार को

कल्याण सिंह कैंसर संस्थान के डॉक्टरों ने 16 वर्षीय मरीज की ब्रेनस्टेम ट्यूमर सर्जरी कर नई जिंदगी प्रदान की है। वहीं संस्थान के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एवं न्यूरोसर्जरी विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर विजेंद्र कुमार ने बताया कि ब्रेनस्टेम दिमाग का वो पार्ट होता है,जो पुरे शरीर को कण्ट्रोल करता है।

एक तरह से यह एक कंप्यूटर की तरह होता है जो बाकि सारेे अंगो को सही तरह से काम करते रहने को कमांड देता है। यही से हजारो पतली-पतली बालो से भी महीन नसे सारे शरीर में जाती है जिसके माध्यम से यह सबको संचालित करता है।

जब ब्रेनस्टेम में ट्यूमर बन जाता है तो उसका असर शरीर के सभी अंगो पर पड़ता है। हाथ पैरो में कमजोरी आना, खाना निगलने में तकलीफ होना, आँखों का टेड़ा होना व मुॅह का तिरछापन होना, यह सब लक्षण शुरुआती होते है।

उन्होंने बताया ऐसी स्थिति में मरीज बेहोश होकर कोमा में चला जाता है और शरीर का कोई भी अंग काम नहीं करता । चारो तरफ महीन नसों से घिरे रहने के कारण ब्रेनस्टेम ट्यूमर को सर्जरी से निकालना बहुत जोखिम भरा होता है।

थोड़ी भी चूक होने पर मरीज की जान जा सकती है या वो हमेशा के लिए अपंग हो सकता है। प्रोफेसर विजेंद्र कुमार ने बताया की हाल ही में एक ऐसी ही जटिल सर्जरी में उनको कामियाबी मिली है।

यह मरीज कुंडा जिले से आया था तथा बाहर कई डॉक्टर्स ने हाई-रिस्क ऑपरेशन होने की वजह से ऑपरेशन करने से मना कर दिया था। जब मरीज ने प्रोफेसर विजेंद्र कुमार से संपर्क किया। परिवार की सहमति मिलने के बाद ऑपरेशन की तैयार की गयी।

आठ घंटे चले इस ऑपरेशन में विश्व की सबसे आधुनिक तकनीक से युक्त न्यूरोनेविगेशन सिस्टम जिसकी कीमत 3 करोड़ है, का इस्तेमाल किया गया। यह मशीन स्वतः ही सर्जन को सही रास्ता दिखती है, जिससे नाजुक नसों को नुकसान पहुचाये बिना ही ट्यूमर को निकालने में मदद मिलती है।

इसके साथ ही लेटेस्ट नर्व मॉनिटरिंग सिस्टम व अत्याधुनिक न्यूरोसर्जिकल ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप जिसकी कीमत 5 करोड़ है, का भी इस्तेमाल हुआ। इस माइक्रोस्कोप की मदद से बाल जैसे महीन नसों को आकार में बडा करके देखा जा सकता है और उन्हें बचाया जा सकता है।

प्रोफेसर विजेंद्र कुमार के अलावा उनकी टीम के वरिष्ठ डॉक्टर अमित कुमार उपाध्याय, डॉक्टर रवि रंजन, डॉक्टर संजीव ने मिल कर इस जटिल ऑपरेशन में सफलता हासिल की। साथ ही ऐनेस्थिसिया टीम से डॉ रिचा राय आदि लोगो का सहयोग रहा।

वहीं ब्रेनस्टेम ट्यूमर जैसे खतरनाक कैंसर का सफल ऑपरेशन होने पर संस्थान के निदेशक, प्रोफेसर मदन लाल भट्ट ने पूरी टीम को बधाई दी है। निदेशक द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि इस संस्थान के न्यूरोसर्जरी विभाग में अत्याधुनिक मशीने उपलब्ध है।

जिससे दिमाग के कैंसर से ग्रसित मरीजों का सफल इलाज किया जा रहा है। मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉक्टर वरुण विजय के मुताबिक मरीज अब बिलकुल ठीक है और डिस्चार्ज किया जा चुका है।

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