
सुलतानपुर। लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। हिंदी भाषा को सर्वोच्च स्थान देने पर जोर दिया गया। रविवार को हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में विश्व हिंदी परिषद के तत्वावधान में स्थानीय जिला पंचायत सभागार में संगोष्ठी आयोजित की गयी।
जिलाध्यक्ष देवेन्द्र कुमार पाठक की अध्यक्षता में आयोजित संगोष्ठी में सुलतानपुर जनपद के कई वरिष्ठ साहित्यकार, पत्रकार, एवं बुद्धिजीवी सम्मिलित हुए। हिंदी भाषा -दशा और दिशा’ विषय पर सभी ने अपने विचार व्यक्त किए।
वहीं बतौर मुख्य अतिथि, वक्ता एवं विश्व हिंदी परिषद के आजीवन सदस्य, कमला नेहरू भौतिक एवं सामाजिक विज्ञान संस्थान के पूर्व प्राचार्य डॉ राधेश्याम सिंह ने कहा कि आज की सर्वाधिक आवश्यकता है कि हिन्दी को हम उसी अतीत का सिंहासन दें जिस पर वह स्वतंत्रता संघर्ष के दिनों में स्थापित थी।
हिंदी को सभी भारतीय भाषाओं का नेतृत्व अपने हाथ में लेना चाहिए । हिन्दी का उत्थान तभी संभव है,जब हिन्दी अधुनातम ज्ञान-विज्ञान व तकनीक की भाषा बने। जिससे हम हिंदी भाषा-भाषी उस पर गर्व कर सकें।
भाषाएं छोटी-बड़ी नहीं होती। सभी भाषाएं अभिव्यक्ति करने का संसाधन मात्र हैं। संगोष्ठी में परिषद के पूर्वांचल प्रदेश अध्यक्ष सन्तराम शुक्ल ने साहित्यकारों को उनकी कृतियों, शोधकर्ताओं को उनके शोध-पत्रों के वाचन,प्रकाशन सहित अन्य सभी प्रकार का सहयोग प्रदान करने का वचन दिया।
उन्होंने कहा कि परिषद हिंदी के साथ ही अन्य भारतीय भाषाओं को भी आगे बढ़ाने की बात करता है । प्रदेश महासचिव राजेन्द्र मिश्र ने हिन्दी के प्रचार-प्रसार को जनांदोलन बनाने का आह्वान किया।
अन्त में अपने अध्यक्षीय भाषण में जिलाध्यक्ष देवेन्द्र कुमार पाठक ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए घोषणा की कि परिषद द्वारा प्रतिमाह एक निश्चित तिथि पर हिन्दी प्रेमी, साहित्यकार एवं लेखक बन्धुओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर प्रदान किया जाएगा।
तथा विद्यार्थियों को कविता, कहानी,निबंध लेखन के लिए प्रोत्साहित करने के लिए प्रमाण पत्र वितरित किए जाएंगे।हिन्दी लेखन,कार्यक्रम को आजीवन सदस्य पत्रकार विनय सिंह,राज्य अध्यापक पुरस्कार प्राप्त शिक्षा विद शैलेन्द्र चतुर्वेदी, प्रभारी दैनिक हिन्दुस्तान भारतेन्दु मिश्र,कौशलेंद्र पाठक, एवं हरिव्रत मिश्र ने भी संबोधित किया।
होम्योपैथी चिकित्सक कवि डाक्टर अभिषेक पाण्डेय,कवयित्री अनुपमा मिश्रा एवं सारिका सिंह ने हिन्दी विषय पर काव्य पाठ किया। संचालन विश्व हिंदी परिषद की आजीवन सदस्य सारिका सिंह ने किया।इस अवसर पर शीतला शंकर मिश्र, सौरभ पाठक,सुजीत कसौधन, सर्वेश यादव, मो शमीम आदि उपस्थित रहे।



