राजधानी के दो बड़े चिकित्सालयों को नहीं मिला स्थाई निदेशक
लोकबंधु अस्पताल के निदेशक से लेकर चिकित्सा अधीक्षक तक बने कार्यवाहक

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी के दो बड़े चिकित्सालयों के उच्च पदों पर कार्यवाहक के रूप में कार्यभार सौंपा गया। जिसमें लोकबंधु चिकित्सालय और बलरामपुर चिकित्सालय शामिल हैं।
तीन सौ बेड का लोकबंधु अस्पताल में प्रतिदिन लगभग ढाई हजार से लेकर 3000 मरीजों की ओपीडी होती है। वहीं 756 बेड का बलरामपुर अस्पताल का रोजाना प्रतिदिन दो हज़ार से अधिक ओपीडी में मरीज दिखाने के लिए आते हैं।
बीते मंगलवार को लोकबंधु कार्यवाहक निदेशक डॉ राजीव दीक्षित के सेवानिवृत होने पर लोकबंधु अस्पताल में कार्यवाहक निदेशक के रूप में डॉ राजेश सिंह, कार्यवाहक मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ पीयूष तिवारी एवं चिकित्सा अधीक्षक डॉ विनय वर्मा को जिम्मेदारी सौंप दी गयी।
इसके अलावा बलरामपुर अस्पताल में पहले से ही डॉ विवेक गुप्ता को कार्यवाहक निदेशक के रूप कार्यभार दिया गया और चिकित्सा अधीक्षक भी कार्यवाहक बनाया गया। वहीं सम्बंधित विभाग के जानकारों की माने तो कार्यवाहक निदेशक चलन बहुत तेजी फलफूल रहा है।
इससे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी मिलने पर असमंजस की स्थिति बनी रहती है और चिकित्सालय कार्य सुचारु रूप से चलने की बजाय कार्य बाधित होने की सम्भावना प्रबल हो जाती हैं। क्योंकि अक्सर कार्यवाहक बनने पर यही विचार उठते रहते हैं की कब शासन से आदेश आ जाये और अलग तैनाती कर दी जाये।
इससे अस्पताल की अनुशासन गतिविधियां सुचारु रूप से नहीं चल पाती हैं। ऐसा विभाग के जानकारों का मानना है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली ढुलमुल तरीके से प्रतीत होती है।यही तैयारी पहले कर ली जाये तो कार्यवाहक का प्रचलन ख़त्म किया जा सकता है।



