स्तनपान प्रबंधन पर स्टेट -लेवल ट्रेनिंग ऑफ़ ट्रेनर्स प्रोग्राम
प्रदेश स्तर की 45 लैक्टेशन मैनेजमेंट यूनिट्स ने किया प्रतिभाग

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। प्रदेश स्तर पर स्तनपान प्रबंधन पर स्टेट -लेवल ट्रेनिंग ऑफ़ ट्रेनर्स प्रोग्राम आयोजित किया गया। रविवार को
एसजीपीजीआई की फैकल्टी ने उत्तर प्रदेश में भारत के पहले ‘फैसिलिटी-बेस्ड लैक्टेशन मैनेजमेंट ट्रेनिंग मॉड्यूल’ को लॉन्च करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
हेल्थकेयर सेंटर्स में ब्रेस्टफीडिंग (स्तनपान) के लिए सपोर्ट को मज़बूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, उत्तर प्रदेश सरकार ने हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स के लिए भारत का पहला ‘फैसिलिटी-बेस्ड लैक्टेशन मैनेजमेंट ट्रेनिंग मॉड्यूल’ लॉन्च किया है।
इस मॉड्यूल का औपचारिक उद्घाटन 4 जुलाई को उत्तर प्रदेश सरकार के चिकित्सा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने किया।
यह उद्घाटन ‘नेशनल हेल्थ मिशन’ के तहत परिवार कल्याण निदेशालय द्वारा आयोजित ‘स्टेट-लेवल ट्रेनिंग ऑफ़ ट्रेनर्स प्रोग्राम के दौरान किया गया। जिसमें यूनिसेफ़ और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी का तकनीकी सहयोग मिला।
इस ट्रेनिंग मॉड्यूल को नवजात शिशु की देखभाल और लैक्टेशन मैनेजमेंट (स्तनपान प्रबंधन) के प्रमुख विशेषज्ञों – प्रो. एसएन सिंह, प्रो. शालिनी त्रिपाठी, प्रो. अनीता सिंह और प्रो. प्रतिमा आनंद – के संयुक्त प्रयासों से तैयार किया गया है।
संस्थान के नियोनेटोलॉजी विभाग की प्रोफेसर, प्रो. अनीता सिंह ने इस मॉड्यूल की वैज्ञानिक लेखन, तकनीकी विकास और सबूत-आधारित (एविडेंस-बेस्ड) कंटेंट तैयार करने में अहम भूमिका निभाई।
नवजात शिशु के पोषण, ब्रेस्टफीडिंग को बढ़ावा देने, ह्यूमन मिल्क बैंकिंग और फैसिलिटी-बेस्ड नवजात शिशु देखभाल में अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल करते हुए, उन्होंने प्रैक्टिकल ट्रेनिंग मटीरियल विकसित करने में बड़ा योगदान दिया।
इसका मकसद हेल्थकेयर सेंटर्स में लैक्टेशन मैनेजमेंट में हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की क्षमता को मज़बूत करना है।
छह दिनों तक चलने वाली ‘स्टेट-लेवल ट्रेनिंग ऑफ़ ट्रेनर्स ‘ 29 जून से 4 जुलाई तक आयोजित की गई। जिसमें पूरे उत्तर प्रदेश की 45 लैक्टेशन मैनेजमेंट यूनिट्स के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
इस प्रोग्राम का मकसद मास्टर ट्रेनर्स का एक ग्रुप तैयार करना था, जो आगे चलकर अपने-अपने सेंटर्स पर हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स को ट्रेनिंग देंगे, ताकि पूरे राज्य में सबूत-आधारित लैक्टेशन मैनेजमेंट प्रैक्टिस को एक समान तरीके से लागू किया जा सके।
‘फैसिलिटी-बेस्ड लैक्टेशन मैनेजमेंट ट्रेनिंग मॉड्यूल’ को डॉक्टरों, नर्सों और अन्य हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स की क्षमता बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
इसका मकसद ब्रेस्टफीडिंग को बढ़ावा देना, उसकी सुरक्षा और सपोर्ट करना, लैक्टेशन से जुड़ी आम चुनौतियों का समाधान करना और इन्फेंट फ़ॉर्मूला (शिशुओं के लिए दूध का विकल्प) पर अनावश्यक निर्भरता को कम करना है।
उम्मीद है कि इस पहल से हेल्थकेयर सेंटर्स में ब्रेस्टफीडिंग प्रैक्टिस मज़बूत होगी और पूरे उत्तर प्रदेश में नवजात शिशुओं और शिशुओं के स्वास्थ्य परिणामों में सुधार होगा। इस नए और अनोखे ट्रेनिंग मॉड्यूल की शुरुआत उत्तर प्रदेश में माताओं और नवजात शिशुओं की सेहत से जुड़ी पहलों में एक अहम पड़ाव है।



