उत्तर प्रदेशजीवनशैलीबड़ी खबर

स्वस्थ होने से ही सशक्त समाज का सपना होगा साकार – मुकेश शर्मा 

परिवार नियोजन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी युवाओं पर 

 

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। परिवार नियोजन अपनाने पर जोर दिया गया।

शुक्रवार को पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर मुकेश शर्मा ने कहा कि परिवार यदि स्वस्थ और खुशहाल बनेगा तभी सशक्त समाज के सपने को साकार किया जा सकता है।

इसके लिए जरूरी है कि 21 साल की उम्र के बाद ही बेटी को विवाह के बंधन में बाँधने की योजना बनाएं। शादी के दो से तीन साल के बाद ही परिवार बढ़ाने या संतानोत्पति के बारे में विचार करें।

शादी के दो-तीन साल तक पति-पत्नी एक-दूसरे को भलीभांति समझें और परिवार को बढ़ाने के लिए कुछ जरूरी पूँजी भी जुटा लें। परिवार नियोजन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी युवाओं पर ही है।

युवाओं में परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता की अलख जगाने की सबसे अधिक जरूरत महसूस करते हुए, इस साल विश्व जनसंख्या दिवस (11 जुलाई) की थीम “युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को साकार करना -आज और भविष्य के लिए” तय की गयी है।

आज विश्व में करीब 147 करोड़ की आबादी के साथ भारत जनसंख्या के मामले में अग्रिम पायदान पर खड़ा है, जबकि प्राकृतिक संसाधन सीमित हैं। सीमित संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए जरूरी है कि हम परिवार के आकार को नियोजित रखने की हरसम्भव कोशिश करें।

ऐसे में विश्व जनसंख्या दिवस पर युवाओं को स्वस्थ और खुशहाल परिवार के प्रभावी उपायों के बारे में जानना जरूरी है। इसके लिए सबसे पहला जरूरी उपाय यही है कि शादी के पश्चात गर्भधारण की योजना 21 साल की उम्र के बाद ही बनाएं।

दो बच्चों के जन्म के बीच कम से कम तीन साल का अंतर जरूर रखें ताकि महिला का शरीर पुनः गर्भधारण के योग्य बन पाए। इसके अलावा इस दौरान बच्चे का लालन-पालन भी बेहतर ढंग से किया जा सकता है।

परिवार का आकार नियोजित रखने के लिए ही “बास्केट ऑफ़ च्वाइस” का सुरक्षित और प्रभावी विकल्प युवाओं के पास मौजूद है। इसलिए अपने मनमुताबिक़ परिवार नियोजन के साधन का चयन कर सही समय पर ही संतान की योजना आसानी से बनायी जा सकती है।

परिवार नियोजन के मौजूदा विकल्पों में त्रैमासिक गर्भनिरोधक इंजेक्शन अंतरा को अपनाकर न केवल मां और शिशु के स्वास्थ्य की सुरक्षा की जा सकती है, बल्कि एक संतुलित और खुशहाल परिवार की नींव भी रखी जा सकती है।

इसका एक इंजेक्शन तीन माह तक अनचाहे गर्भधारण से छुटकारा दिलाता है। यह इंजेक्शन बहुत ही आसान और सुविधाजनक भी है।

इसके साथ ही बच्चों के जन्म में पर्याप्त अंतर रखने के लिए अस्थायी साधन के तहत ओरल पिल्स, पुरुष कंडोम, आईयूसीडी प्रसव पश्चात गर्भ समापन पश्चात आईयूसीडी व हार्मोनल गोली छाया (सैंटोक्रोमान) उपलब्ध हैं।

स्वास्थ्य केन्द्रों पर परिवार नियोजन किट (कंडोम बॉक्स) की भी व्यवस्था की गयी है। इसके अलावा सरकारी स्वास्थ्य इकाइयों पर परिवार नियोजन के स्थायी साधन के तहत महिला व पुरुष नसबंदी की सेवा उपलब्ध है,

जो कि परिवार पूरा होने पर अपनाई जाने वाली सबसे सुरक्षित और कारगर सेवा है। शारीरिक बनावट के मुताबिक़ महिला नसबंदी की अपेक्षा पुरुष नसबंदी बेहद सरल और सुरक्षित है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button