एनेस्थीसिया विशेषज्ञों ने उन्नत चिकित्सा तकनीकों पर किया मंथन
सीएमई में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जानकारी की साझा

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। एनेस्थीसिया विशेषज्ञों ने उन्नत चिकित्सा तकनीकों पर मंथन किया।
रविवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के एनेस्थीसिया विभाग द्वारा आयोजित सेन्ट्रल जोन पीजी असेम्बली, आरएआरसी के अंतर्गत तीन दिवसीय सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम का समापन रविवार को हुआ।
कार्यक्रम के तीसरे एवं अंतिम दिन एनेस्थीसिया विज्ञान से जुड़े समकालीन विषयों, नवीन उपचार पद्धतियों तथा रोगी सुरक्षा एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं पर देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने अपने अनुभव एवं नवीनतम चिकित्सीय ज्ञान साझा किया।
कार्यक्रम के तृतीय दिवस का शुभारम्भ प्रो. ममता हरजाई के व्याख्यान से हुआ। उन्होंने प्रसव के दौरान दर्द प्रबंधन के महत्व, आधुनिक तकनीकों तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर इसके सकारात्मक प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इसके उपरांत डॉ. दीपक टेम्पे, डॉ. पुनीत गोयल, डॉ. बिक्रम गुप्ता एवं डॉ. अंशू गुप्ता ने एनेस्थीसिया विज्ञान के विभिन्न महत्वपूर्ण एवं समकालीन विषयों पर व्याख्यान देते हुए
नवीन चिकित्सीय दृष्टिकोण, उन्नत तकनीकों तथा जटिल परिस्थितियों में प्रभावी उपचार प्रबंधन से जुड़े अपने अनुभव प्रतिभागियों के साथ साझा किए।
कार्यक्रम के समापन सत्र में डॉ. शनी, डॉ. सर्वजीत वर्मा, डॉ. निधि शुक्ला एवं अन्य संकाय सदस्यों ने प्रतिभागियों को विभिन्न औषधियों, चिकित्सीय उपकरणों, एक्स-रे तथा ईसीजी की व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक समझ विकसित करने के लिए विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया।
इस सत्र में प्रतिभागियों को दैनिक चिकित्सा अभ्यास में उपयोगी अनेक व्यावहारिक पहलुओं से भी अवगत कराया गया।
समापन समारोह में आयोजन अध्यक्ष डॉ. प्रवीण कुमार दास, आयोजन सचिव डॉ. सुजीत राय तथा वैज्ञानिक सचिव डॉ. शिल्पी मिश्र ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए देश के विभिन्न राज्यों से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों, संकाय सदस्यों, रेजीडेंट चिकित्सकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम विशेषज्ञों के बीच ज्ञान एवं अनुभव के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के साथ-साथ आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों को अपनाने और रोगियों को बेहतर एवं सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।



