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एकेटीयू शिक्षक ग्लोबल साइंटिस्ट इंडेक्स में शामिल

संस्थान कुलपति ने शिक्षकों को दी बधाई 

 

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के शिक्षको ने बड़ी उपलब्धि हासिल कर नाम रोशन कर दिया। रविवार को

ग्लोबल साइंटिस्ट इंडेक्स 2025 – टॉप 5 फीसदी साइंटिस्टस में एकेटीयू शिक्षक अनुज शर्मा, प्रो अरुण तिवारी का नाम भी शामिल किया गया है। यह एक नया वैश्विक वैज्ञानिक रैंकिंग प्लेटफॉर्म है।

जिसे साइंरैंक ग्लोबल द्वारा संचालित किया जाता है। इसका उद्देश्य विश्वभर के सक्रिय शोधकर्ताओं का बिब्लिओमीट्रिक डाटा के आधार पर मूल्यांकन करना है।

जानें ग्लोबल साइंटिफिक इंडेक्स क्या है..

ग्लोबल साइंटिफिक इंडेक्स के बारे में बताना है कि यह एक वैज्ञानिक रैंकिंग प्रणाली है जो लगभग 1 करोड़ सक्रिय शोधकर्ताओं और करोड़ों शोध-पत्रों का विश्लेषण करके वैज्ञानिकों की वैश्विक रैंक निर्धारित करने का दावा करती है।

इसके लिए यह मुख्यतः ओपनएलेक्स नामक वैश्विक शोध डेटाबेस का उपयोग करती है।इस रैंकिंग को साइंरैंक ग्लोबल नामक संगठन प्रकाशित करता है। यह स्टैंफोर्ड यूनिवर्सिटी , एलसेविर , स्कोपस या Clarivate जैसी स्थापित एवं व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त वैश्विक रैंकिंग एजेंसियों से अलग है।

टॉप 5 फीसदी साइंटिस्टस की चयन प्रणाली..

साइंरैंक ग्लोबल के अनुसार, किसी शोधकर्ता को 2025 ग्लोबल साइंटिस्ट इंडेक्स में शामिल होने के लिए निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होती हैं।

👉 एक्टिव रिसर्चर होना

👉 OpenAlex प्रोफाइल में कम से कम 10 सत्यापित शोध प्रकाशन (publications) होने चाहिए।

👉 प्रोफाइल किसी व्यक्ति की होनी चाहिए संस्थान, समिति या बड़े सहयोगी समूहों को बाहर रखा जाता है।

👉 कम्पोजिट स्कोर (NCS) की गणना

रैंकिंग के लिए Normalized Composite Score (NCS) का उपयोग किया जाता है, जो मुख्यतः दो घटकों पर आधारित है।

👉 प्रोडक्टिविटी (A) = कुल शोध प्रकाशनों की संख्या।

👉 इम्पैक्ट (C) = कुल citations की संख्या

इन दोनों को समान भार (50%-50%) दिया जाता है।

टॉप 5% Scientist में सम्मिलित होना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। क्योंकि यह दर्शाता है कि शोधकर्ता का प्रकाशन और citation प्रभाव विश्व के अधिकांश सक्रिय शोधकर्ताओं से अधिक है। Global Scientist Index 2025 – Top 5% Scientists-AKTU

वर्तमान में, डॉ. शर्मा AKTU के सेंटर फॉर एडवांस्ड स्टडीज के मेकाट्रॉनिक्स कार्यक्रम में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। वे कलाम सेंटर फॉर इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन ऑफ स्टार्टअप AKTU फाउंडेशन (AKTU की सेक्शन-8 कंपनी) के निदेशक भी हैं।

संस्थान के डीन एकेडमिक्स और मेकाट्रॉनिक्स एवं मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी एंड ऑटोमेशन कार्यक्रमों के समन्वयक, AKTU लखनऊ के इनोवेशन एण्ड सोशल एंटरप्रेन्योरशिप के एसोसिएट डीन एवं अनुसंधान एवं विकास एवं औद्योगिक परामर्श के एसोसिएट डीन भी हैं।

उन्होंने भारत सरकार के MeitY, ICMR, SERB DST, CST उत्तर प्रदेश सरकार, TEQIP-III और AKTU लखनऊ द्वारा वित्त पोषित 4 करोड़ रुपये से अधिक की छह परियोजनाओं में मुख्य अन्वेषक के रूप में कार्य किया है।

उनके 125 से अधिक शोध पत्र SCIE और Scopus इंडेक्स में शामिल हैं, जो प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं और सम्मेलनों में प्रकाशित प्रस्तुत किए गए हैं। उनके नाम 9 पेटेंट स्वीकृत, प्रकाशित हैं।

उन्होंने स्प्रिंगर द्वारा प्रकाशित एक पुस्तक का संपादन किया है। वे कई पीयर-रिव्यूड पत्रिकाओं के समीक्षक हैं। वे इंडियन सोसाइटी फॉर टेक्निकल एजुकेशन (ISTE) के आजीवन सदस्य हैं।

2021 से Elsevier एवं स्टैनफोर्ड द्वारा उन्हें शीर्ष 2% शोधकर्ताओं की सूची में शामिल किया जाता रहा है। उन्हें 9 सितंबर 2025 को उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यपाल द्वारा अकादमिक उत्कृष्टता पुरस्कार-2025 से सम्मानित किया गया है।

उन्हें शिक्षक दिवस (5 सितंबर 2020 और 2025) के अवसर पर “AKTU सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार-2020” और “AKTU सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार-2025” से भी सम्मानित किया गया है। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान कोरोना से सुरक्षा और रोकथाम के लिए उपयोगी विभिन्न उत्पादों का विकास करके सराहनीय कार्य किया है।

कोविड-19 महामारी के दौरान उनके योगदान के लिए उन्हें लखनऊ स्थित AKTU के कुलपति द्वारा “कोरोना योद्धा” के रूप में सम्मानित किया गया। उन्होंने 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान विकसित उत्पादों के लिए भी कई पेटेंट के लिए आवेदन किया है एवं उन्मे से दो ग्रांट भी हुए हैं।

उनके नेतृत्व वाली टीम द्वारा डिजाइन और विकसित किए गए कुछ उत्पादों का प्रदर्शन उत्तर प्रदेश के माननीय राज्यपाल की उपस्थिति में किया गया और उन्हें लखनऊ के राजभवन में स्थापित किया गया है।

दो शिक्षक ग्लोबल साइंटिफिक इंडेक्स में बनाई जगह..

विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है. शोध एवं अनुसंधान के क्षेत्र में कार्य करने के लिए विश्वविद्यालय के घटक संस्थान सेंटर फॉर एडवांस्ड

स्टडीज एवं इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के दो शिक्षकों ने विश्व की प्रतिष्ठित साइंस जर्नल ग्लोबल साइंटिफिक इंडेक्स में स्थान प्राप्त कर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया है।

आई ई टी के प्रोफेसर एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के एचओडी प्रोफेसर अरुण तिवारी एवं सेंटर फॉर एडवांस्ड स्टडीज के मेकाट्रोनिकस के एसो प्रोफेसर डॉ अनुज कुमार शर्मा, ने यह उपलब्धि हासिल की है।

दोनों शिक्षक इससे पहले स्टैनफोर्ड एवं एल्सेवियर के शीर्ष शोधकर्ताओं की सूची में अपना स्थान बना चुके हैं. लगातार शोध एवं अनुसंधान मैं लगे इन शिक्षकों को कुलपति प्रोफेसर जेपी पांडे ने इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है।

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