संस्थान निदेशक ने निःशुल्क बोन मिनरल डेंसिटी जांच शिविर का किया शुभारंभ
दर्द को उम्र बढ़ने का स्वाभाविक हिस्सा मानकर सहते रहना उचित नहीं - प्रो शिवानी रस्तोगी

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। शरीर की हड्डियों मजबूत बनाये रखने के लिए निःशुल्क जाँच शिविर लगाया गया। शुक्रवार को
सितंबर वैश्विक दर्द जागरूकता माह के तहत डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के पेन मेडिसिन ओपीडी में निःशुल्क बोन मिनरल डेंसिटी (BMD) जांच शिविर का शुभारंभ संस्थान निदेशक प्रो. सीएम सिंह द्वारा किया गया।
जिसका उदेश्य समाज में क्रॉनिक पेन (दीर्घकालिक दर्द) और ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों का कमजोर होना) जैसी गंभीर लेकिन अक्सर उपेक्षित स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना
तथा इनकी समय रहते पहचान, रोकथाम और उचित उपचार को प्रोत्साहित करने के लिए किया गया । स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि
क्रॉनिक पेन केवल एक लक्षण नहीं, बल्कि स्वयं एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या हो सकता है। लंबे समय तक रहने वाला दर्द व्यक्ति को चलने-फिरने की क्षमता, नींद, मानसिक स्वास्थ्य, कार्यक्षमता और जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है।
इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग वर्षों तक दर्द को सामान्य मानकर सहते रहते हैं और विशेषज्ञ चिकित्सा सहायता नहीं लेते। जबकि ऑस्टियोपोरोसिस एक “साइलेंट” बीमारी है, जिसका पता कई बार पहली बार हड्डी टूटने के बाद चलता है।
भारतीय अध्ययनों में विशेषकर रजोनिवृत्ति के बाद की महिलाओं और बुजुर्गों में कम बोन मिनरल डेंसिटी तथा ऑस्टियोपोरोसिस का महत्वपूर्ण बोझ पाया गया है। एक भारतीय सिस्टमेटिक रिव्यू और मेटा – एनालिसिस में
पोस्टमैनोपाजल महिलाओं में लम्बर स्पाइन तथा फेमोरल नेक पर osteoporosis की पूल्ड प्रेवालेंस लगभग 29% बताई गई है, हालांकि अलग-अलग अध्ययनों और आबादी में इसके आंकड़े भिन्न पाए गए हैं।
ऑस्टियोपोरोसिस के होने वाले कारणों में फ्रागिलिटी फ्रैक्चर्स गंभीर दर्द, चलने-फिरने में असमर्थता, लंबे समय तक रहने वाले दर्द, विकलांगता और आत्मनिर्भरता में कमी का कारण बन सकते हैं।
भारतीय अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि osteoporosis-related hip fractures कई बार पश्चिमी देशों की तुलना में कम उम्र में हो सकते हैं। वहीं प्रो. शिवानी रस्तोगी, इंचार्ज, पेन मेडिसिन यूनिट ने कहा कि दर्द को उम्र बढ़ने का स्वाभाविक हिस्सा मानकर सहते रहना उचित नहीं है।
इसी प्रकार ऑस्टियोपोरोसिस तब तक चुपचाप बढ़ सकता है जब तक हड्डी में फ्रैक्चर न हो जाए। इस BMD जांच शिविर का उद्देश्य लोगों को अपनी हड्डियों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और जोखिम वाले व्यक्तियों में बीमारी की समय रहते पहचान करना है।
पेन मेडिसिन ऐसे मरीजों के लिए वैज्ञानिक, समग्र और बहुआयामी उपचार उपलब्ध कराती है, जो लंबे समय से दर्द से पीड़ित हैं।
उन्होंने कहा कि विशेष रूप से लगातार कमर दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों के दर्द, osteoporosis-related fractures तथा अन्य chronic pain कंडीशंस में दर्द के मूल कारण की पहचान और समय पर विशेषज्ञ परामर्श अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इंडियन सोसाइटी फॉर स्टडी ऑफ पेन (ISSP) के मानद सचिव एवं CEO, डॉ. अनुराग अग्रवाल ने कहा कि क्रॉनिक पेन हमारे समाज में एक बहुत बड़ा लेकिन अक्सर दिखाई न देने वाला स्वास्थ्य बोझ है।
लाखों लोग लंबे समय तक दर्द सहते रहते हैं, जबकि उन्हें यह जानकारी ही नहीं होती कि उनके लिए विशेषज्ञ चिकित्सा उपलब्ध है।
इंडियन सोसाइटी फॉर स्टडी ऑफ़ पेन का उद्देश्य दर्द के प्रति जागरूकता बढ़ाना, वैज्ञानिक पेन मेडिसिन की पहुंच को बढ़ाना और पेन मेडिसिन को एक समर्पित सुपर-स्पेशियलिटी के रूप में मजबूत करना है।
डॉ. अग्रवाल ने आगे कहा कि ISSP का सरल संदेश है Suffering from क्रोनिक पेन ? विजिट ए पेन फिजिशियन .’ हमारा प्रयास है कि यह संदेश अस्पतालों से निकलकर आम जनता तक पहुंचे।
ताकि कोई भी व्यक्ति अनावश्यक रूप से लंबे समय तक दर्द सहने के लिए मजबूर न हो। आधुनिक पेन मेडिसिन में क्रोनिक पेन के लिए evidence-based medical, interventional और multidisciplinary उपचार उपलब्ध हैं तथा उपयुक्त मरीजों में minimally invasive pain interventions भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में पेन मेडिसिन को एक समर्पित सुपर-स्पेशियलिटी के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। पेन मेडिसिन में अक्यूट , क्रोनिक , न्यूरोपैथिक , कैंसर , musculoskeletal तथा अन्य जटिल दर्द की विशेषज्ञतापूर्ण जांच, निदान और समग्र उपचार शामिल है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सितंबर को पेन अवेयरनेस मंथ के रूप में मनाया जाता है। वर्ष 2026 में इंटरनेशनल एसोसिएशन फॉर the स्टडी ऑफ़ पेन का ग्लोबल ईयर न्यूरोपैथिक पेन को समर्पित है, जिसका उद्देश्य न्यूरोपैथिक पेन के प्रभाव, पहचान, उपचार और शोध के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाना है।
साथ ही संस्थान के पेन मेडिसिन यूनिट द्वारा आयोजित यह BMD शिविर इसी व्यापक प्रयास का हिस्सा है। जिसका उद्देश्य समुदाय में जागरूकता, बीमारी की शुरुआती पहचान और दर्द से पीड़ित मरीजों को उचित विशेषज्ञ चिकित्सा उपलब्ध कराना है।
अपने पास ही पेन फिजिशियन को ढूंढने के लिए, visit करें www.issp-pain.org
इंडियन सोसाइटी फॉर स्टडी ऑफ़ पेन देश में पेन मेडिसिन के क्षेत्र में जागरूकता, शिक्षा, शोध, प्रशिक्षण और बेहतर पेशेंट केयर को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्यरत है, ताकि किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक और उपचार योग्य क्रोनिक पेन के साथ जीवन न बिताना पड़े।



