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कैंसर संस्थान में दर्द जागरूकता सप्ताह सत्र 

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दर्द जागरूकता सप्ताह पर किया जागरूक 

 

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दर्द जागरूकता सप्ताह पर जागरूकता सत्र चलाया गया। शनिवार को

कल्याण सिंह अति विशिष्ट कैंसर संस्थान के एनेस्थिसियोलॉजी विभाग द्वारा “दर्द जागरूकता सप्ताह” के तहत एक विशेष जागरूकता सत्र का आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य विषय रहा “राहत संभव है। वहीं सत्र में डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की प्रोफेसर और पेन फिजिशियन डॉ. शिवानी रस्तोगी बतौर मुख्य अतिथि शामिल रही ।

कार्यक्रम के संरक्षक एवं संस्थान निदेशक डॉ. एमएलबी भट्ट, और एनेस्थेशिया विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मो असीम रशीद रहे। साथ ही एनेस्थिसियोलॉजी विभाग की सहायक प्रो नम्रता गुप्ता ने आयोजन सचिव और सहायक प्रो अर्चना गौतम ने सह-आयोजन सचिव के रूप में जिम्मेदारी संभाली।

सत्र के दौरान एनेस्थिसियोलॉजी विभाग और विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा दर्द प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर व्याख्यान दिए गए। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. मो असीम रशीद द्वारा स्वागत भाषण और सीएमई के संक्षिप्त परिचय के साथ हुई।

इसके बाद डॉ रुचि सक्सेना ने दर्द के सही आकलन और उसके उपकरणों के उपयोग पर जानकारी दी गयी । डॉ. इंदुबाला मौर्य ने ‘मेडिकल मैनेजमेंट ऑफ पेन’ विषय पर बात की। जबकि मुख्य अतिथि डॉ. शिवानी रस्तोगी ने ‘फ्रॉम नीडल्स टू रिलीफ प्रिवेंटिव इंटरवेंशनल पेन मैनेजमेंट’ पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया।

डॉ. शगुफ्ता अंसारी ने ‘डिपार्टमेंट पेन क्लिनिक एंड बेनेफिशियरी स्कीम्स’ के बारे में बताया। सत्र में निदेशक प्रो एमएलबी भट्ट द्वारा प्रेरणादायक विचार प्रस्तुत किया।

संस्थान के पेन क्लिनिक ओपीडी में कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए मॉर्फिन जैसी आवश्यक और दर्द निवारक दवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इसीक्रम में

संस्थान के एनेस्थिसियोलॉजी विभाग के अंतर्गत संचालित पेन क्लिनिक में मरीजों को गंभीर और पुराने कैंसर के दर्द से राहत दिलाने के लिए अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

इस क्लिनिक में केमिकल न्यूरोलिसिस और रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाता है। ये प्रक्रियाएं दर्द पैदा करने वाली नसों को लक्षित कर उन्हें ब्लॉक या निष्क्रिय कर देती हैं।

जिससे कैंसर और अन्य जटिल बीमारियों से पीड़ित मरीजों को लंबे समय तक दर्द से प्रभावी राहत मिलती है और उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है।

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