राजधानी में डबल मर्डर का पुलिस ने किया खुलासा
आरोपियों ने पवन कुमार गर्ग और सचिन विश्वकर्मा को बंधक बनाकर किया मर्डर, गिरफ्तार

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। केजीएमयू के आर्थोपेडिक विभाग के नर्सिंग अधीक्षक पवन कुमार गर्ग और उनके साथी सचिन विश्वकर्मा को मौत के घाट उतारने वाले आरोपी पकड़े गए।
शुक्रवार को राजधानी में सनसनीखेज डबल मर्डर का डीसीपी उत्तरी अमित कुमार आनंद प्रेसवार्ता कर खुलासा कर जानकारी दी। उन्होंने खुलासा करते हुए बताया कि मंडियांव थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने वारदात में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक हत्या की साजिश का मास्टरमाइंड पवन कुमार गर्ग के परिचित नितिन मिश्रा उर्फ डब्लू था। 60 से 70 लाख रुपये के जमीन में निवेश की बात सामने आने के बाद आरोपियों ने पवन से फिरौती वसूलने का
प्लान बनाया और ढाबे पर शराब पार्टी कर दोनों को बंधक बनाकर मकान में बंद कर दिया। जब दोनों ने फिरौती देने से मना किया तो आरोपियों ने दोनों की हत्या करने के बाद शवों को सीतापुर की घाघरा नदी में फेंकने की बात पुलिस को बताई।
हालांकि अभी तक दोनों के शव बरामद नहीं हुए हैं। पुलिस ने मास्टरमाइंड नितिन मिश्रा उर्फ डब्लू समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में अवनीश मौर्य, प्रकाश सिंह, सूरज सिंह और मोहित सिंह शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक केजीएमयू के आर्थोपेडिक विभाग में नर्सिंग अधीक्षक के पद पर कार्यरत पवन कुमार गर्ग जमीन खरीदने के लिए 60 से 70 लाख रुपये निवेश करना चाहता था। पवन कुमार गर्ग की नितिन मिश्रा से पहले से पहचान थी।
जमीन खरीदने और निवेश को लेकर पवन ने नितिन से बातचीत की थी। इसी रकम की जानकारी होने के बाद नितिन ने अपने साथियों के साथ मिलकर पवन से फिरौती वसूलने की साजिश रची। साजिश के तहत नितिन ने पवन को जमीन दिखाने के बहाने इटौंजा बुलाया।
पवन अपने साथी सचिन विश्वकर्मा के साथ ब्रेजा कार से पहुंचे । जहाँ नितिन और उसके साथी थार समेत दूसरी गाड़ियों से पहुंचे। इसके बाद सभी लोग फौजी ढाबे पर गए, जहां शराब पी और खाना खाया।
पुलिस के मुताबिक शराब के नशे में होने के बाद आरोपियों ने दोनों को इटौंजा में ही निर्माणाधीन मकान में ले जाकर बंधक बना लिया। वहां दोनों के साथ मारपीट की गई और 60 से 70 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई।
रातभर पिटाई के बावजूद पवन ने रकम देने से इनकार कर दिया। पुलिस का दावा है कि इसके बाद आरोपियों ने सुबह पवन कुमार गर्ग और सचिन विश्वकर्मा की गला दबाकर हत्या कर दी।
हत्या के बाद दोनों से सोने की चेन और अंगूठी लूट ली गई। इसके बाद शवों को ब्रेजा कार में डालकर सीतापुर की घाघरा नदी में फेंक दिया गया। वहीं परिजनों ने मंडियांव थाने में बीते 27 सितम्बर को पवन कुमार गर्ग की गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचकर पूरे हत्याकांड का खुलासा किया। आरोपियों के कब्जे से लूटी गई सोने की चेन और अंगूठी बरामद की गई है। वहीं पवन कुमार गर्ग की ब्रेजा कार भी सीतापुर से बरामद हुई है। जिसमें लखनऊ और सीतापुर पुलिस दोनों शवों की घाघरा नदी में तलाश कर रही है।
हालांकि अभी तक दोनों शव बरामद नहीं हो सके हैं। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित साक्ष्यों की जांच कर रही है। दोनों शवों को तलासने में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती बरामद करना है।
पुलिस नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। शव मिलने के बाद पोस्टमार्टम और अन्य जांच के जरिए हत्या से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।



