डॉक्टरों ने दूसरी बार रोबोट-असिस्टेड रीनल ट्रांसप्लांट करने में पायी उपलब्धि
आरएमएल ने दोबारा आधुनिक चिकित्सा क्षेत्र में दर्शाई प्रतिबद्धता

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। डॉक्टरों ने रोबोट-असिस्टेड रीनल ट्रांसप्लांट करने में बड़ी उपलब्धि हासिल की। सोमवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज के यूरोलॉजी विभाग ने एडवांस्ड यूरोलॉजिकल सर्जरी के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए सफलतापूर्वक रोबोट-असिस्टेड रीनल ट्रांसप्लांट (आरएआरटी) किया है। यह उत्तर प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में संस्थान में दूसरी सफल रोबोट-असिस्टेड किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी की गयी।
संस्थान की अत्याधुनिक रोबोटिक टेक्नोलॉजी के माध्यम से विश्वस्तरीय, कम से कम चीर-फाड़ वाली ट्रांसप्लांट देखभाल में सरकारी संस्थान की प्रतिबद्धता को पेश किया है। जहाँ संस्थान में किडनी ट्रांसप्लांट की प्राप्तकर्ता एक 18 वर्षीय अविवाहित युवती थीं, जो एंड स्टेज रीनल डिज़ीज़ (ईएसआरडी)से पीड़ित थीं और बिना निशान वाली सर्जरी के लिए उपयुक्त उम्मीदवार मानी गईं। यह जटिल रोबोट-असिस्टेड ट्रांसप्लांट सर्जरी हैदराबाद के केआईएमएस के प्रसिद्ध ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. समित चतुर्वेदी के सदस्यता में सम्पन्न हुई।
सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति पूरी तरह स्थिर है और वह ट्रांसप्लांट टीम की निगरानी में स्वस्थ रूप से रिकवरी कर रही हैं।
रोबोट-असिस्टेड रीनल ट्रांसप्लांट वर्तमान समय में किडनी ट्रांसप्लांटेशन की सबसे उन्नत तकनीकों में से एक है। पारंपरिक ओपन ट्रांसप्लांट सर्जरी की तुलना में इसमें केवल छोटे चीरों की आवश्यकता होती है। जिससे खून बहना कम होता है, ऑपरेशन के बाद का दर्द कम रहती है, रिकवरी तेज होती है, घाव से जुड़ी जटिलताएँ घटती हैं और कॉस्मेटिक परिणाम बेहतर होता है। वहीं संस्थान निदेशक, प्रो. सीएम सिंह ने टीम को बधाई देते हुए आरएमएलआईएमएस आम आदमी को सबसे उन्नत तकनीकी प्रगति सस्ती कीमत पर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
सर्जन टीम में प्रोफेसर डॉ. ईश्वर राम धायल (एचओडी) प्रो आलोक श्रीवास्तव, प्रो संजीत सिंह, डॉ. मुक्तेश्वर, डॉ. आलोक दत्ता, डॉ. प्रवीण उपदेशक, डॉ. समित चतुर्वेदी (केआईएमएस, हैदराबाद), नेफ्रोलॉजी टीम, प्रो अभिलाष चंद्रा, प्रो नम्रता राव, एनेस्थीसिया टीम में प्रो पीके दास, डॉ. दीप्ति शर्मा, ओटी स्टाफ एवं नर्सिंग टीम में बिंदु, बलवंत, जेनिफर, गीता। इस प्रक्रिया की लागत लगभग ₹4.25 लाख रूपये बताई जा रही है।



