परिवहन विभाग का लगेगा मेला, मिलेगी योजनाओं की सभी जानकारी
अक्टूबर से मेले की शुरुआत, प्रत्येक माह के अंतिम शुक्रवार लगेगा मेला

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। परिवहन विभाग योजनाओं की जानकारी देने के लिए मेला लगाने जा रहा है।
उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग अक्टूबर माह से मेले की शुरूआत कर आगामी महीनों में प्रदेश के समस्त मण्डल मुख्यालयों पर चरणबद्ध रूप से परिवहन मेलों का आयोजन होगा ।
जिसमें नागरिकों को पंजीकरण, फिटनेस, परमिट, कर भुगतान, स्क्रैप वाहनों के नवीन पंजीकरण, परिवहन विभाग के विभिन्न पोर्टल, आनलाइन सेवाओं के प्रयोग इत्यादि के बारे में नागरिकों को जानकारी दी जायेगी।
इसके अतिरिक्त नागरिकों को परिवहन विभाग की विभागीय योजनाओं जैसे एटीएस, आरवीएसएफ, एडीटीसी, डीटीटीआई एवं एचएसआरपी आदि की भी जानकारी दी जायेगी। बुधवार को
यह जानकारी देते हुए परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि प्रत्येक माह के चतुर्थ शुक्रवार को परिवहन कार्यालय परिसर (मण्डलीय जनपद मुख्यालय) में परिवहन मेले का आयोजन परिवहन विभाग द्वारा किया जायेगा।
जिसमें परिवहन मेले के माध्यम से परिवहन सेवाओं की पहुंच को मण्डल स्तर तक नागरिक केन्द्रित बनाना परिवहन विभाग का प्रमुख लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि 23 अक्टूबर को प्रथम परिवहन मेले का आयोजन किया जायेगा।
इसी प्रकार नवम्बर में 27 एवं दिसम्बर में 26 को मेले का आयोजन किया जायेगा। अंतिम शुक्रवार को अवकाश की स्थिति में अगले दिन यानि शनिवार को मेले का आयोजन किया जायेगा। प्रत्येक मण्डल के लिए संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
परिवहन मंत्री ने बताया कि प्रस्तावित परिवहन मेले में बकाया वसूली काउण्टर, पेनाल्टी छूट काउण्टर, पंजीकरण काउण्टर, फिटनेस काउण्टर, स्क्रैपेज काउण्टर लगाये जायेंगे।
जहां पर नागरिकों को संबंधित काउण्टर से उस विषय की सम्पूर्ण जानकारी प्रदान की जायेगी।
परिवहन मेले में नागरिकों,वाहन स्वामियों को वाहन पंजीकरण नवीनीकरण, स्वामित्व स्थानान्तरण, नया परमिट, चालान, प्रकरण संबंधी सहायता, ड्राइविंग लाइसेंस संबंधी सहायता, आनलाइन संबंधी सहायता एवं दस्तावेज सत्यापन के बारे में जानकारी दी जायेगी।
परिवहन मंत्री ने बताया कि मेले का उद्देश्य लंबित राजस्व की प्राप्ति भी करना है। उन्होंने निर्देश दिये कि मेले में सर्वाधिक बकाया वाले वाहनों की सूची तैयार की जाए।
वाहन स्वामियों को पूर्व सूचना एसएमएस,व्हाटसप, पत्र के माध्यम से मेले में आमंत्रित किया जाए। बड़े बकायेदारों के लिए व्यक्तिगत संपर्क के लिए अभियान चलाये।
ऑनस्पाट कैश और डिजिटल भुगतान के लिए काउण्टर स्थापित किये जाये। उप्र मोटरयान प्राविधान नियमावली के अंतर्गत पेनाल्टी में छूट का लाभ देते हुए बकाये का निस्तारण कराया जाए।



