रसायन से भरा टैंकर पलटने की घटना पर डी जी हेल्थ मय सी एम ओ के साथ पहुंचे घटना स्थल
फॉर्मेलिन रसायन से से प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सा उपलब्ध कराने के दिए निर्देश

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। रसायन से भरा टैंकर पलटने की घटना का डी जी हेल्थ मय सी एम ओ के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। बीते
सोमवार रात बख्शी का तालाब क्षेत्र मानपुर बाना गांव के समीप फॉर्मेलिन रसायन से भरा टैंकर पलटने की घटना के बाद आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आंखों में जलन,
आंखों से पानी आने और सांस लेने में परेशानी की शिकायत की बात सामने आयी थी। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग तत्परता दिखाते हुए
महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ. पवन कुमार अरुण एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनबी सिंह ने घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली।
इस दौरान राम सागर मिश्र (आरएसएम), साढ़ामऊ चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीके शर्मा और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), बीकेटी के अधीक्षक डॉ जेपी सिंह भी मौजूद रहे। वहीं
महानिदेशक ने आरएसएम चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश देते हुए कहा कि फॉर्मेलिन के संपर्क में आने से प्रभावित लोगों को तत्काल आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
आंखों में जलन, पानी आने या सांस लेने में परेशानी की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की प्राथमिकता के आधार पर जांच और उपचार किया जाए।
अस्पताल में आवश्यक दवाओं, ऑक्सीजन और अन्य चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित रखी जाए, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।
उन्होंने प्रभावित लोगों की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखने और जरूरत पड़ने पर उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र में रेफर करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। साथ ही महानिदेशक ने आरएसएम चिकित्सालय का निरीक्षण किया।
उन्होंने मातृ एवं बाल स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ही आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता और मरीजों को दिए जा रहे उपचार की व्यवस्था का जायजा लिया।
इस दौरान उन्होंने बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी), अंतःरोगी विभाग (आईपीडी) और ऑपरेशन थिएटर (ओटी) सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
महानिदेशक ने पात्र बच्चों का शत-प्रतिशत नियमित टीकाकरण सुनिश्चित करने और जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के तहत लाभार्थियों को समय से भुगतान करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही उन्होंने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं और कार्यक्रम के प्रचार प्रसार पर भी जोर दिया कि अधिक से अधिक लोग इनका लाभ ले पायें



