ऊर्जा किसी भी प्रदेश की आर्थिक प्रगति की आधारशिला- ब्रजेश पाठक
उत्तर प्रदेश ऊर्जा संगम-2026 में बोले डिप्टी सीएम

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। ऊर्जा के क्षेत्र में अपार सम्भावनाओं को गिनाया। शुक्रवार को
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि ऊर्जा किसी भी प्रदेश की आर्थिक प्रगति, औद्योगिक विस्तार, कृषि विकास और जनकल्याण की आधारशिला है।
उत्तर प्रदेश जैसे विशाल एवं तेजी से विकास की ओर अग्रसर राज्य के लिए निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और किफायती बिजली की उपलब्धता अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सुदृढ़ ऊर्जा व्यवस्था न केवल उद्योगों को गति प्रदान करती है, बल्कि निवेश को आकर्षित करने, रोजगार के नए अवसर सृजित करने और आमजन के जीवन स्तर में सुधार लाने में भी निर्णायक भूमिका निभाती है।
देश के प्रतिष्ठित उद्योग एवं वाणिज्य संगठन एसोचैम द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश ऊर्जा संगम-2026 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री ने प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र की अपार संभावनाओं,
आधुनिक ऊर्जा अवसंरचना के विकास, निवेश के नए अवसरों तथा सतत एवं समावेशी विकास के लिए सरकार और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर अपने विचार साझा किए।
प्रदेश को ऊर्जा क्षेत्र में आधारभूत संरचना पर दिया जोर..
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश को विकास, नवाचार और आत्मनिर्भरता का अग्रणी केंद्र बनाने के लिए ऊर्जा क्षेत्र में मजबूत आधारभूत संरचना का निर्माण आवश्यक है।
उद्योगों को पर्याप्त ऊर्जा उपलब्ध कराने के साथ-साथ आम नागरिकों की आवश्यकताओं के अनुरूप बेहतर विद्युत सुविधाएं सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करके प्रदेश की औद्योगिक क्षमता को नई गति दी जा सकती है और युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर सृजित किए जा सकते हैं।
ऊर्जा स्रोतों को प्रोत्साहित करना समय की मांग..
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ऊर्जा क्षेत्र की चुनौतियों और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पारंपरिक ऊर्जा संसाधनों के साथ सौर ऊर्जा एवं अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को प्रोत्साहित करना समय की मांग है।
आधुनिक तकनीक का अधिकाधिक उपयोग, ऊर्जा दक्षता में वृद्धि और पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास का संतुलन स्थापित करना आवश्यक है।
इन प्रयासों से प्रदेश की ऊर्जा आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा करने के साथ ही सतत विकास के लक्ष्यों को भी गति मिलेगी।
तकनीकी विशेषज्ञों को साझा दृष्टिकोण के साथ आगे आना होगा..
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र के विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। इन संभावनाओं को वास्तविक उपलब्धियों में बदलने के लिए सरकार, उद्योग जगत, निवेशकों और तकनीकी विशेषज्ञों को साझा दृष्टिकोण के साथ आगे आना होगा।
सामूहिक सहभागिता, नवाचार और दूरदर्शी रणनीति के माध्यम से प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में सशक्त आधारभूत संरचना प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ कृषि, उद्योग, सेवा क्षेत्र और ग्रामीण विकास को भी नई दिशा प्रदान करती है।
भारत-2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में देगा योगदान..
उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, निवेश और नवाचार को प्रोत्साहन देने वाले प्रयास उत्तर प्रदेश को नई आर्थिक ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे।
‘ऊर्जावान उत्तर प्रदेश, आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव’ के संकल्प के साथ प्रदेश को ऊर्जा-संपन्न बनाना विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
बिजली की बेहतर उपलब्धता से उद्यमों की उत्पादकता बढ़ती है, निवेशकों का विश्वास मजबूत होता है और विकास का लाभ समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचता है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री अवनीश कुमार अवस्थी, एसोचैम के क्षेत्रीय निदेशक उत्तर प्रदेश श्री राजीव दीक्षित, श्री सौरदीप गुहा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।



