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कल नेत्र रोग विभाग में लेजर यूनिट का होगा उद्घाटन

आरएमएल निदेशक लेजर यूनिट और सम्मेलन का करेंगे शुभारंभ

 

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। कल नेत्र रोग विभाग में लेजर यूनिट का उद्घाटन और सम्मेलन की शुरुआत होगी।

डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के नेत्र रोग विभाग में विश्व दृष्टि दिवस के उपलक्ष्य में लेजर यूनिट का उद्घाटन एवं डायबिटिक रेटिनोपैथी पर सम्मेलन-सह-कार्यशाला का आयोजन किया जायेगा। संस्थान में

विश्व दृष्टि दिवस के उपलक्ष्य में नेत्र रोग विभाग द्वारा 10 अक्टूबर को संस्थान के शैक्षणिक भवन की 10वीं मंजिल स्थित सभागार में नवस्थापित लेजर यूनिट का उद्घाटन एवं डायबिटिक रेटिनोपैथी (मधुमेह जनित दृष्टिपटल रोग) पर सम्मेलन-सह-कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। वहीं

इस कार्यक्रम का शुभारंभ एवं नवस्थापित लेजर यूनिट का उद्घाटन संस्थान निदेशक प्रो सीएम सिंह द्वारा किया जाएगा।

इस अवसर पर संस्थान के संकायाध्यक्ष (डीन), कार्यकारी कुलसचिव, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, चिकित्सा अधीक्षक, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ संकाय सदस्य, आमंत्रित विशेषज्ञ एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे।

सम्मेलन का मुख्य विषय “डायबिटिक रेटिनोपैथी में OCTA से लेज़र तक” तथा मूल भाव “सटीक निदान सटीक उपचार” है।

सम्मेलन का उद्देश्य मधुमेह के कारण होने वाली नेत्र संबंधी जटिलताओं, विशेषकर डायबिटिक रेटिनोपैथी, के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा इसके शीघ्र निदान और आधुनिक उपचार तकनीकों के महत्व को रेखांकित करना है।

डायबिटिक रेटिनोपैथी मधुमेह से पीड़ित व्यक्तियों में दृष्टि हानि एवं अंधत्व के प्रमुख कारणों में से एक है। प्रारंभिक अवस्था में इस रोग के लक्षण स्पष्ट नहीं होते।

हालांकि, नियमित नेत्र परीक्षण, समय पर निदान एवं उचित उपचार से गंभीर दृष्टि हानि के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इस दृष्टि से मधुमेह से पीड़ित व्यक्तियों के लिए नियमित नेत्र परीक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है।

नेत्र रोग विभाग में अत्याधुनिक लेजर यूनिट की स्थापना संस्थान में रेटिना संबंधी रोगों के उपचार की सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

इससे विशेष रूप से डायबिटिक रेटिनोपैथी एवं अन्य दृष्टिपटल संबंधी रोगों से पीड़ित मरीजों को उन्नत उपचार सुविधाएँ उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

इस सम्मेलन-सह-कार्यशाला में प्रतिष्ठित नेत्र रोग विशेषज्ञ, रेटिना विशेषज्ञ, चिकित्सा शिक्षक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थी भाग लेंगे। वैज्ञानिक सत्रों में डायबिटिक रेटिनोपैथी की आधुनिक जाँच तकनीकों, रेटिनल इमेजिंग,

ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी एंजियोग्राफी , लेजर उपचार, इंट्राविट्रियल इंजेक्शन तथा नवीनतम उपचार पद्धतियों पर विशेषज्ञों द्वारा विचार-विमर्श किया जाएगा।

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