हनुमान जी के जयकारों के साथ श्रीमदभागवत कथा, श्रोताओं ने लगाया जयकारा
श्रीमदभागवत कथा में पितृ पक्ष एकादशी का बताया महात्म्या

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। हनुमान चालीसा में श्रोताओं ने जयकारा लगाया।
मंगलवार को श्री राधा रमण सेवा समिति के तत्वावधान में डीएवी कॉलेज ऐशबाग में चल रही श्रीमद्भागवत राधा रमण कथा के तीसरे दिन कथा स्थल भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा की वर्षात की गयी ।
पुंडरीक गोस्वामी महाराज के पधारने से पूर्व श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। हनुमान जी के जयकारों से पूरा पंडाल गूंज उठा।
महाराज के पधारने के पश्चात “हरे कृष्णा, हरे कृष्णा, कृष्णा कृष्णा, हरे हरे। हरे राम, हरे राम, राम राम, हरे हरे” महामंत्र के साथ “जय जय राधा रमण, हरि बोल” का संकीर्तन कराया गया।
हरिनाम संकीर्तन शुरू होते ही पंडाल में बैठे हजारों श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे। चारों ओर राधा रमण के जयकारे और हरिनाम संकीर्तन की गूंज से पूरा वातावरण आध्यात्मिक उल्लास से भर गया।
हनुमान जी की उपस्थिति को बताया कथा की विशेषता
महाराज ने कहा कि हनुमान जी का कथा में विराजमान होना अत्यंत मंगलकारी है। उन्होंने कहा कि कथा परंपरा में हनुमान जी व्यास के कथा प्रारंभ करने से पहले विराजते हैं और आरती होने के बाद ही विदा होते हैं।
हनुमान जी की उपस्थिति कथा में भक्ति, शक्ति और भगवान के प्रति समर्पण का भाव जगाती है।
पितृ पक्ष की एकादशी पर श्राद्ध का महत्व
महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में पितृ पक्ष की कथा चल रही है और आज की तिथि विशेष महत्वपूर्ण है क्योंकि एकादशी है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि पितृ पक्ष में अपनी-अपनी तिथि के अनुसार पितरों का श्राद्ध करना चाहिए तथा श्रद्धापूर्वक पूज्य ब्राह्मण को भोजन कराना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में भोजन केवल अपने लिए नहीं, बल्कि पहले भगवान को समर्पित करने की भावना है। इसलिए ठाकुर जी को भोग लगाकर ही भोजन ग्रहण करना चाहिए। भगवान को अर्पित किया गया भोजन प्रसाद बन जाता है और प्रसाद ग्रहण करना स्वयं में भक्तिभाव की साधना है
इस अवसर पर यजमान अमरनाथ मिश्र, राजेंद्र कुमार अग्रवाल, अनिल कुमार अग्रवाल, लोकेश अग्रवाल, रोहित अग्रवाल, अमित अग्रवाल, समीर मित्तल, नवीन गुप्ता, अनुराग मिश्रा,
आनंद रस्तोगी, शिवम अग्रवाल, सुनील कुमार मिश्रा, मनोज राय, कुश मिश्रा, दिव्यांशु शुक्ला, साकेत शर्मा सहित अनेक श्रद्धालु परिवार सहित उपस्थित रहे। हजारों की संख्या में भक्तों ने कथा में पहुंचकर आध्यात्मिक एवं भक्तिमय वातावरण में कथा का रसपान किया।
कथा के समापन पर विधिवत आरती हुई और इसके पश्चात श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों ने संभाली व्यवस्था
कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था में सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डिवीजनल वार्डेन सुनील शुक्ला, डॉ. दिनेश माथुर, नफीस, मुशीर अहमद एवं मजीद अली सहित स्वयंसेवकों ने पंडाल की व्यवस्था के साथ-साथ यातायात संचालन को भी सुचारु बनाए रखा।
आयोजकों ने कथा में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं, यजमानों, स्वयंसेवकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।



