स्टेप परियोजना के विस्तार से टीबी उन्मूलन अभियान को मिलेगी नई गति – डॉ एनबी सिंह
राजधानी के सभी विकास खंडों तक स्टेप प्रोजेक्ट

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी के सभी विकास खंडों तक स्टेप प्रोजेक्ट पहुंचाया गया। शुक्रवार को
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान तथा सहयोगी संस्थाओं सीआरएस एवं स्वर्ग के सहयोग से विकास भवन सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अवसर पर सपोर्ट टू टीबी एलिमिनेशन प्रोजेक्ट का विस्तार जनपद के सभी आठ विकास खंडों में किए जाने की औपचारिक शुरुआत की गई।
मुख्य विकास अधिकारी प्रफुल्ल कुमार शर्मा के निर्देश पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विकास अधिकारी आलोक दत्त उपाध्याय ने की।
अपने संदेश में मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने में जनसहभागिता सबसे महत्वपूर्ण है। जब ग्राम पंचायतें, विभिन्न विभाग और समुदाय मिलकर कार्य करेंगे, तभी टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा। वहीं
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनबी सिंह ने कहा, “स्टेप परियोजना के विस्तार से जनपद में टीबी उन्मूलन अभियान को नई गति मिलेगी। ग्राम पंचायतों, स्वास्थ्य विभाग, अन्य संबंधित विभागों तथा समुदाय के समन्वित प्रयासों से टीबी मरीजों की समय पर पहचान, जांच और उपचार सुनिश्चित किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान भारत सरकार द्वारा वर्ष 2023 में शुरू किया गया था। इसके अंतर्गत लखनऊ जनपद की 491 ग्राम पंचायतों में से वर्ष 2023 में 12, वर्ष 2024 में 56 तथा वर्ष 2025 में 65 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित की जा चुकी हैं।
वर्ष 2026 में और अधिक ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास केवल नई ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित कराना ही नहीं, बल्कि पहले से टीबी मुक्त घोषित 65 ग्राम पंचायतों की इस स्थिति को भी बनाए रखना है।
सभी विभागों, पंचायत प्रतिनिधियों और समुदाय के सहयोग से लखनऊ को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जाएगा, जिससे प्रदेश और देश को टीबी मुक्त बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एके सिंघल ने टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान की रूपरेखा, उद्देश्यों एवं क्रियान्वयन रणनीति की जानकारी देते हुए बताया कि अभियान के तहत ग्राम स्तर पर संभावित टीबी मरीजों की सक्रिय खोज, समय पर जांच, उपचार प्रारंभ कराना तथा उपचार की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।
सीआरएस के राज्य स्तरीय अधिकारी नीरज शर्मा ने स्टेप परियोजना की कार्यप्रणाली एवं विस्तार की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2023 में यह परियोजना लखनऊ के एक विकास खंड से शुरू की गई थी।
सकारात्मक परिणामों को देखते हुए पहले इसका विस्तार चार विकास खंडों तक किया गया और अब इसे जनपद के सभी आठ विकास खंडों में लागू कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि परियोजना का उद्देश्य ग्राम पंचायत स्तर पर टीबी की समय पर पहचान, जांच, उपचार तथा जनजागरूकता गतिविधियों को सुदृढ़ करते हुए टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान को और प्रभावी बनाना है।
कार्यक्रम में टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान की कार्ययोजना प्रस्तुत की गई तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस दौरान बक्शी का तालाब की खंड विकास अधिकारी तथा सरोजिनी नगर के सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) ने अपने-अपने क्षेत्रों में टीबी उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयासों और अनुभवों को साझा किया।
कार्यक्रम का संचालन स्वर्ग संस्था के प्रतिनिधि आशीष शर्मा ने किया।
इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी, जिला पंचायती राज अधिकारी, आईसीडीएस एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी, जनपद के सभी आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अधीक्षक, सभी विकास खंडों के खंड बीडीओ, एडीओ,
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, डीसीपीएम विष्णु प्रताप, एनटीईपी से रामजी वर्मा एवं सौमित्र मिश्रा, सीआरएस से जया मेनन, स्वर्ग संस्था की ब्लॉक स्तरीय टीम तथा सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।



