विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रतिनिधि ने आरएमएल का किया भ्रमण
संस्थान के शिक्षण प्रशिक्षण पर की चर्चा

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए विचार विमर्श किया गया ।
शुक्रवार को भारत में विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रतिनिधि डॉ. इवान जे.-एफ. ह्यूटिन ने डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान का दौरा किया। इस दौरे के दौरान, उन्होंने सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति को मजबूत करने,
अनुसंधान के निष्कर्षों को सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्रवाई में बदलने और स्नातकोत्तर मेडिकल छात्रों के शिक्षण व प्रशिक्षण को बढ़ाने के विषय पर संस्थान के नेतृत्व, संकाय सदस्यों और रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ विस्तृत चर्चा की। वहीं
संस्थान के निदेशक प्रो सीएम सिंह ने डॉ. ह्यूटिन का स्वागत किया। इस बैठक में कम्युनिटी मेडिसिन (सामुदायिक चिकित्सा) विभाग के प्रमुख, विभाग के संकाय सदस्यों और विश्व स्वास्थ्य संगठन की उत्तर प्रदेश टीम के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
चर्चा मुख्य रूप से स्थानीय रूप से प्रासंगिक साक्ष्य उत्पन्न करने और यह सुनिश्चित करने में चिकित्सा संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर केंद्रित थी कि अनुसंधान के निष्कर्षों को व्यावहारिक हस्तक्षेपों, स्वास्थ्य कार्यक्रमों और नीतियों में बदला जाए।
जिससे समुदायों को लाभ हो। प्रतिभागियों ने वर्तमान और उभरती सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य विभागों, नीति निर्माताओं और विकास भागीदारों के बीच सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
डॉ. ह्यूटिन ने कार्यान्वयन-उन्मुख अनुसंधान के महत्व पर प्रकाश डाला जो वैज्ञानिक साक्ष्य उत्पन्न करने से परे जाता है और स्वास्थ्य सेवाओं व जनसंख्या के स्वास्थ्य परिणामों में मापने योग्य सुधारों का समर्थन करता है।
उन्होंने साक्ष्य-आधारित योजना, प्रभावी कार्यक्रम कार्यान्वयन, निगरानी और मूल्यांकन के माध्यम से स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने के अवसरों पर भी चर्चा की।
दौरे के दौरान महत्वपूर्ण हिस्सा रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ बातचीत और एमडी कम्युनिटी मेडिसिन के छात्रों के शिक्षण व प्रशिक्षण के लिए समर्पित था। डॉ. ह्यूटिन ने रेजिडेंट डॉक्टरों से बातचीत की और उनके शैक्षणिक प्रशिक्षण, अनुसंधान गतिविधियों और जमीनी स्तर के
सार्वजनिक स्वास्थ्य अनुभवों पर चर्चा की। उन्होंने उन्हें सार्थक और कार्यान्वयन-उन्मुख अनुसंधान करने के लिए प्रोत्साहित किया जो सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों और नीतिगत निर्णयों में योगदान दे सके।
इस बातचीत में स्नातकोत्तर छात्रों को सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रबंधन, रोग निगरानी, महामारी विज्ञान जांच, स्वास्थ्य-नीति विकास, कार्यान्वयन अनुसंधान और समुदाय-आधारित हस्तक्षेपों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
वैज्ञानिक ज्ञान को प्रभावी जमीनी स्तर की कार्रवाई में बदलने में सक्षम भविष्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य पेशेवरों को विकसित करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
प्रो सीएम सिंह ने चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान, रोगी देखभाल और सामुदायिक स्वास्थ्य में उत्कृष्टता के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता साझा की।
उन्होंने सार्वजनिक स्वास्थ्य अनुसंधान, क्षमता-निर्माण, प्रशिक्षण, कार्यक्रम मूल्यांकन और अनुसंधान साक्ष्यों को नीति व व्यवहार में बदलने जैसे क्षेत्रों में विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ अधिक शैक्षणिक और तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
साथ ही विचारों के आदान-प्रदान के लिए एक मूल्यवान मंच प्रदान किया और साक्ष्य-आधारित सार्वजनिक स्वास्थ्य अभ्यास को मजबूत करने, संस्थागत क्षमता निर्माण और कुशल सार्वजनिक स्वास्थ्य पेशेवरों को तैयार करने की दिशा में डब्लूएचओ और डॉ. आरएमएलआईएमएस की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
यह बैठक सार्वजनिक स्वास्थ्य अनुसंधान, नीति विकास, कार्यान्वयन विज्ञान, शिक्षण और क्षमता-निर्माण में सहयोग के भविष्य के अवसरों का पता लगाने की प्रतिबद्धता के साथ संपन्न हुई।



