एसजीपीजीआई आज देश ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर विशिष्ट पहचान -आनंदी बेन पटेल
एसजीपीजीआई का 30वाँ दीक्षांत समारोह, मेधावी हुए सम्मानित

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। एसजीपीजीआई 30 वें दीक्षांत समारोह में मेधावियों को डिग्री से नवाजा गया। मंगलवार को संस्थान के श्रुति सभागार में समारोह की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने की।
समारोह में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ब्रजेश पाठक तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग की सचिव एवं महानिदेशक नेहा शर्मा, आईएएस उपस्थिति रही।
समारोह का शुभारंभ पारंपरिक शैक्षणिक शोभायात्रा के भव्य आगमन के साथ किया गया । साथ ही राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 30वें दीक्षांत समारोह के औपचारिक शुभारंभ की घोषणा की।
स्वागत उद्बोधन नेहा शर्मा, आईएएस, सचिव एवं महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात संस्थान निदेशक प्रो. आरके धीमन ने संस्थान की उपलब्धियों तथा आगामी पाँच वर्षों की विकास-दृष्टि पर आधारित रिपोर्ट प्रस्तुत की।
इसके उपरांत निदेशक द्वारा दीक्षांत उपदेश दिया गया तथा सभी उपाधि प्राप्तकर्ताओं को शपथ दिलाई गई। वहीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा सभी उपाधियाँ डिजिलॉकर पर वर्चुअल रूप से अपलोड की गईं। जिसमें
संस्थान में शोध एवं नैदानिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 13 संकाय सदस्यों एवं रेज़िडेंट चिकित्सकों को सम्मानित किया गया।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा प्रो. एसएस अग्रवाल पुरस्कार, प्रो. एसआर नाइक पुरस्कार, प्रो. आरके शर्मा पुरस्कार, डॉ. सब्यसाची सरकार पुरस्कार, तथा सर्वाधिक पेटेंट, सर्वाधिक इंट्राम्यूरल एवं एक्स्ट्राम्यूरल अनुसंधान अनुदान प्राप्त करने वाले उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
इस वर्ष पहली बार संस्थान के सर्वश्रेष्ठ संकाय सदस्य को विभिन्न कठोर मूल्यांकन मानकों के आधार पर “राज्यपाल स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान नेफ्रोलाजी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर नारायण प्रसाद को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा प्रदान किया गया।
इस अवसर पर राज्यपाल द्वारा दो पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। “एसेंशियल्स ऑफ़ ब्रेस्ट सर्जरी : ए हैंडबुक for ट्रेनीस एंड सर्जन्स ”
लेखक: प्रो. सबरेत्नम मयिलवगानन, एंडोक्राइन सर्जरी विभाग एवं प्रो. गौरव अग्रवाल, विभागाध्यक्ष, एंडोक्राइन सर्जरी।
“फ्रॉम होप टू हीलिंग : ए प्रैक्टिकल गाइड टू ट्रांसप्लांट सिस्टम इन इंडिया “लेखक: प्रो. राजेश हर्षवर्धन, विभागाध्यक्ष, अस्पताल प्रशासन।
इसके उपरांत संस्थान द्वारा गोद लिए गए गांवों के विद्यालयों के बच्चों ने माँ की भूमिका एवं उनके अमूल्य स्थान पर आधारित एक प्रेरणादायक प्रस्तुति तथा गुजराती लोकनृत्य प्रस्तुत किया।
जिसकी उपस्थित जनसमूह ने अत्यंत सराहना की। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बच्चों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत भी किया। इसी क्रम में
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी विजेताओं को उनकी कड़ी मेहनत, समर्पण एवं उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए बधाई दी।
उत्तीर्ण विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “आज डिग्री प्राप्त करते समय आपने जो शपथ ली है, उसे अपने संपूर्ण व्यावसायिक जीवन में सदैव निभाएं। अपने प्रत्येक मरीज को ईश्वर का स्वरूप मानकर करुणा, सम्मान और पूर्ण समर्पण के साथ उनकी सेवा करें।
साथ ही राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बहराइच की पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) हर्षिता तिवारी तथा मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता को एचपीवी टीकाकरण प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
राज्यपाल ने पाँच आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को भी किट वितरित कीं। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 30वें दीक्षांत समारोह में उपाधि एवं पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई दीं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि एसजीपीजीआई आज देश ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है।
उन्होंने कहा कि उपलब्धियों का उत्सव मनाने के साथ-साथ हमें अपनी कमियों को भी पहचानना चाहिए तथा निरंतर सुधार के लिए प्रयासरत रहना चाहिए।
उन्होंने आंगनवाड़ी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया तथा कहा कि भावी पीढ़ी के बेहतर स्वास्थ्य की दृष्टि से एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम को और अधिक व्यापक एवं प्रभावी बनाया जाना आवश्यक है।
राज्यपाल ने आरोग्य मंदिर तथा आयुष्मान भारत योजना की महत्ता पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि ये पहलें प्रत्येक नागरिक तक सुलभ, समान एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि समर्पण, नवाचार और उत्कृष्टता के बल पर अगले वर्ष राष्ट्रीय रैंकिंग में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करें।
उपाधियों के वितरण से पूर्व संस्थान निदेशक प्रो. आरके धीमन ने मंचासीन अतिथियों का पौधे भेंट कर सम्मानित किया।
इसके उपरांत संस्थान के विभिन्न पाठ्यक्रमों के कुल 279 उत्तीर्ण विद्यार्थियों को कार्यकारी कुलसचिव कर्नल वरुण बाजपेयी, अधिष्ठाता (डीन) प्रो. शालीन कुमार तथा निदेशक प्रो. आर के. धीमन द्वारा उपाधियाँ प्रदान की गईं।



