कोचिंग सेंटर के आग घटना स्थल पहुंचे मुख्यमंत्री
भीषण अग्निकांड में 15 की मौत एक दर्जन से अधिक घायल, केजीएमयू ट्रामा सेंटर घायलों से मिले मुख्यमंत्री

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी के अलीगंज थाना क्षेत्र के पुरनिया स्थित कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने की घटना ने देशवासियो को झकझोर दिया है।
जहाँ छात्र छात्राओं की दर्दनाक मौत सुनकर सभी की आंखे नम हो गयी । सोमवार को राजधानी के अलीगंज सेक्टर-डी स्थित एमएस-102 में हेड एंड हॉपर्स एनीमेशन एंड गेमिंग जोन में दोपहर दिन में करीब ढाई बजे भीषण आग लग गई।
जिसमें 15 छात्र छात्राओं की दर्दनाक मौत और एक दर्जन से अधिक लोग घायल होना बताया जा रहा है। कोचिंग सेंटर दूसरी मंजिल पर स्थित था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने का कारण एसी कंप्रेसर फटना और थंब इंप्रेशन से खुलने वाले दरवाजे लॉक होना बताया जा रहा है।
कुछ ही मिनटों में पूरे भवन में घना धुआं फैल गया और छात्र छात्रायें आग की चपेट में आने से दर्दनाक मौत होना बताया जा रहा है।
वहीं इस अग्निकांड 
दुःखद घटना सुनते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ जनसभा के दौरान शोक संवेदना व्यक्त कर कार्यक्रम को रद्द कर दिया और आनन फानन में राजधानी पहुंचे।
जहाँ डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक पहले ही मौके पर पहुंचकर भावुक नजर आये। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ घटना स्थल पर पहुंचकर जायजा लिया।
साथ में प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद विधायक नीरज बोरा डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक डीजीपी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इसके पश्चात मुख्यमंत्री घायलों से मिलने के लिए केजीएमयू ट्रामा सेंटर पहुंचे। जहां घायलों के परिजनों से मिलकर ढाढ़स बधाते हुए घायलों से मिले।
धुँवा भरते ही मची भगदड़, दूसरी मंजिल से लगाई छलांग..
धुआं भरते ही अंदर मौजूद छात्रों में अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई। सांस लेना मुश्किल हो गया और कई छात्र बाहर निकलने का रास्ता ढूंढते रहे।
स्थिति इतनी भयावह हो गई कि कुछ छात्रों ने जान बचाने के लिए ऊंचाई से छलांग लगा दी, जबकि कुछ लोग खिड़कियों और एसी की पाइप/तारों के सहारे बाहर निकलने की कोशिश करने लगे। कई छात्रों ने खुद को बचाने के लिए बाथरूम में शरण ली, लेकिन वहां भी धुएं के कारण उनका दम घुटने लगा।
इस दर्दनाक हादसे में 15 बच्चों की जिंदा जलकर मौत की पुष्टि उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने की है। उन्होंने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और बताया कि इमारत के अंदर चारों तरफ धुआं ही धुआं था। कई शवों को उन्होंने स्वयं देखा।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। आसपास की इमारतों और छतों का इस्तेमाल करते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।
बगल के मकान की छत से दीवार तोड़कर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश की गई। अब तक करीब 10 लोगों को रेस्क्यू कर ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है, जबकि कई अन्य के अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बिल्डिंग के नीचे टायर की दुकान होने की भी बात सामने आई है, जिससे आग और तेजी से फैल गई और स्थिति और गंभीर हो गई। कुछ छात्रों ने कांच तोड़कर और ऊंचाई से कूदकर जान बचाने की कोशिश की, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
फिलहाल घटनास्थल पर पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक टीमें लगातार राहत कार्य में जुटी हैं। हादसे के कारणों की विस्तृत जांच जारी है और मृतकों व घायलों की संख्या में बढ़ोतरी की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है।
पूरे इलाके में मातम का माहौल है और परिजन अपने बच्चों की तलाश में अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं अग्निकांड पर देश राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी,रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह एवं
समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शोक संवेदना व्यक्त की। वहीं मुख्यमंत्री ने भीषण अग्निकांड में मृतक छात्र-छात्राओं के परिजनों को पांच -पांच लाख रूपये आर्थिक सहायता और घायलों के परिजनों को 50-50 हज़ार रूपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है।



