निःशुल्क स्तन कैंसर जाँच एवं पुनर्वास क्लिनिक की शुरुआत
कल्याण सिंह कैंसर संस्थान निदेशक निःशुल्क जाँच सुविधा का लाभ उठाने की अपील

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। स्तन कैंसर ग्रसित महिलाओं से निःशुल्क जाँच सुविधा का लाभ उठाने की अपील की गयी।
बुधवार को कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट ने स्तन कैंसर की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए निःशुल्क स्तन कैंसर जाँच एवं पुनर्वास क्लिनिक शुरुआत की ।
स्तन कैंसर की समय पर पहचान और महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस विशेष क्लिनिक का शुभारंभ किया गया।
इस क्लिनिक में विशेष स्कैनिंग मशीन की सहायता से स्तन कैंसर की निःशुल्क जाँच की जाएगी। इसके साथ ही महिलाओं को स्तन स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, परामर्श, पुनर्वास और नियमित देखभाल की सुविधाएँ भी निःशुल्क दी जाएँगी।
जिन महिलाओं की स्तन कैंसर के कारण स्तन हटाने की सर्जरी हुई है। उन्हें कृत्रिम स्तन (ब्रेस्ट प्रोस्थेसिस) और उसके उपयोग संबंधी मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।
इससे महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ाने और उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने में भी मदद मिलेगी। यह क्लिनिक संस्थान में प्रतिदिन संचालित किया जाएगा।
भारत में हर साल स्तन कैंसर के लगभग 1.8 लाख नए मामले सामने आते हैं और करीब 90 हजार महिलाओं की इस बीमारी से मृत्यु हो जाती है।
उत्तर प्रदेश में हर साल स्तन कैंसर के लगभग 25,000 से 30,000 नए मामले सामने आते हैं और करीब 20,000 महिलाओं की मृत्यु होती है।
जागरूकता की कमी और जाँच की सीमित सुविधाओं के कारण कई मामलों में बीमारी का पता देर से चलता है, जिससे उपचार कठिन हो सकता है।
विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर जाँच से बीमारी की जल्दी पहचान, बेहतर उपचार और मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार संभव है। इस पहल का उद्देश्य उत्तर भारत में स्तन कैंसर की शुरुआती पहचान को बढ़ावा देना और अधिक से अधिक महिलाओं को जाँच एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना है। वहीं
संस्थान के निदेशक डॉ एमएलबी भट्ट ने क्लिनिक का शुभारंभ किया। उन्होंने विशेष रूप से 30 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं और परिवार में स्तन कैंसर ग्रसित महिलाओं से नियमित रूप से स्तन स्वास्थ्य की जाँच कराने तथा निःशुल्क सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की। साथ ही
सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रमुख डॉ. आयुष लोहिया ने बताया कि के विभिन्न जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के सहयोग से स्तन कैंसर की जाँच कर रहा है।
अब तक 500 से अधिक महिलाओं की जाँच की जा चुकी है। जाँच के बाद जिन महिलाओं को आगे इलाज की जरूरत थी, उन्हें उचित जाँच और उपचार के लिए भेजा गया है।
सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के डॉ. दुर्गेश कुमार ने स्तन कैंसर के शुरुआती लक्षणों और संकेतों की जानकारी दी। उन्होंने बेहतर उपचार और मरीजों के जीवित रहने की संभावना बढ़ाने के लिए समय पर बीमारी की पहचान के महत्व पर जोर दिया।
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजेंद्र सिंह, डीन डॉ. प्रमोद कुमार, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वरुण विजय, ईआर डॉ. आयुष लोहिया, डॉ. अंशु सिंह और डॉ. रुमिता सहित संस्थान के अन्य संकाय सदस्य, स्वास्थ्यकर्मी और मरीज उपस्थित रहे।



