टाइप -2 डायबिटीज से निजात पाना संभव
यूपीडाकॉन-2026 सम्मेलन में देश भर से स्वास्थ्य विशेषज्ञ होंगे शामिल

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। टाइप -2 डायबिटीज से निजात पाना संभव है। डायबिटीज से निजात दिलाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
गुरुवार को राजधानी के गोमती नगर एक होटल में उत्तर प्रदेश डायबिटीज एसोसिएशन द्वारा आयोजित प्रेसवार्ता में एसोसिएशन अध्यक्ष डॉ मनोज कुमार श्रीवास्तव, आयोजन सचिव डॉक्टर नरसिंह वर्मा एवं डॉ अभिषेक अरुण, अजय तिवारी ने संयुक्त रूप से जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि डायबिटीज होने पर डॉक्टर के परामर्श बगैर स्वयं उपचार करने से बचना चाहिए। साथ ही बताया “डायबिटीज 360 डिग्रीः बियॉन्ड नंबर्स, बियॉन्ड टारगेट्स, बियॉन्ड बाउंड्रीज” विषय के तहत
उत्तर प्रदेश डायबिटीज एसोसिएशन (UPDA) की रजत जयंती (25वीं वर्षगांठ) के उपलक्ष्य में आगामी 9 से 11 अक्टूबर को होटल ताज पैलेस में तीन दिवसीय भव्य वार्षिक महासम्मेलन ‘यूपीडाकॉन-2026’ (UPDACON-2026) का आयोजन किया जा रहा है।
पिछले 25 वर्षों से मधुमेह की रोकथाम व उपचार में अग्रणी भूमिका निभा रही इस संस्था का यह सम्मेलन आधुनिक चिकित्सा जगत में मील का पत्थर साबित होगा। डॉ श्रीवास्तव ने बताया कि
इस वर्ष सम्मेलन की थीम “डायबिटीज 360 डिग्रीरू बियॉन्ड नंबर्स, बियॉन्ड टारगेट्स, बियॉन्ड बाउंड्रीज” रखी गई है।
इसका मुख्य उद्देश्य मधुमेह प्रबंधन को केवल ब्लड शुगर के आंकड़ों और लक्ष्यों तक सीमित न रखकर मरीज के संपूर्ण स्वास्थ्य, जीवनशैली, मानसिक स्थिति और आधुनिक चिकित्सीय तकनीकों के समग्र दृष्टिकोण पर केंद्रित करना है।
जिसमें राज्य व देश भर से 600 से ज्यादा वरिष्ठ चिकित्सकों व प्रतिनिधियों ने सम्मेलन के लिए पंजीकरण कराया है।
100 से अधिक साइंटिफिक शोध-पत्र (Abstracts): युवा शोधकर्ताओं और वरिष्ठ विशेषज्ञों द्वारा मधुमेह के नवीनतम पहलुओं पर 100 से अधिक वैज्ञानिक शोध प्रस्तुत किए जाएंगे।
तीन दिवसीय वैज्ञानिक मंथन में 100 से ज्यादा ख्यातिप्राप्त वक्ता मधुमेह के नए अनुसंधानों, दवाओं और जटिलताओं के प्रबंधन पर व्याख्यान देंगे।
आयोजन की रूपरेखा साझा करते हुए एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ मनोज कुमार श्रीवास्तव और आयोजन अध्यक्ष डॉ. अनुज महेश्वरी ने बताया कि पिछले 25 वर्षों में मधुमेह के स्वरूप और उसके इलाज में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं।
यह सम्मेलन देश भर के चिकित्सकों को आधुनिक शोध और उपचार के नए मानकों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा।
सम्मेलन के आयोजन सचिव डॉ नरसिंह वर्मा एवं डॉ अभिषेक अरुण ने कहा कि 3 दिनों तक चलने वाले इस ‘साइंटिफिक एक्स्ट्रावेगेंजा’ में इंसुलिन थेरेपी, कार्डियो-रीनल सुरक्षा, लाइफस्टाइल मॉडिफिकेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग जैसे अहम विषयों पर गहन चर्चा होगी। वहीं
मीडिया प्रभारी डॉ अजय तिवारी ने बताया कि एसोसिएशन पिछले ढाई दशकों की अपनी गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाते हुए आम जनता को भी मधुमेह के खतरों से आगाह करने और डॉक्टरों को नवीनतम ज्ञान से लैस करने के लिए कार्य कर रहा है।



