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जीआईएमएस में हैंड्स-ऑन वर्कशॉप ऑन मैमेलियन सेल कल्चर आयोजित 

प्रतिभागियों को मैमेलियन सेल कल्चर का दिया प्रशिक्षण 

 

ग्रेटर नोएडा। लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। हैंड्स-ऑन वर्कशॉप ऑन मैमेलियन सेल कल्चर” का सफल आयोजन किया गया।

गुरुवार को गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के डिपार्टमेंट ऑफ मेडिकल रिसर्च एवं वायरल रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लेबोरेटरी द्वारा 24 एवं 25 जून 2026 को “हैंड्स-ऑन वर्कशॉप ऑन मैमेलियन सेल कल्चर” का सफल आयोजन किया गया।

कार्यशाला में जीआईएमएस के साथ-साथ क्षेत्र के विभिन्न विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं युवा वैज्ञानिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को मैमेलियन सेल कल्चर की आधुनिक तकनीकों का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना था।

प्रशिक्षण के दौरान सेल कल्चर की मूलभूत तकनीकों, सुरक्षित प्रयोगशाला कार्यप्रणाली एवं अनुसंधान संबंधी प्रयोगों का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया तथा प्रश्नोत्तर सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया गया।

कार्यशाला के दौरान डिपार्टमेंट ऑफ मेडिकल रिसर्च एवं वीआरडीएल के प्रभारी संकाय सदस्यों, संकाय सदस्यों, वैज्ञानिकों तथा तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान, प्रदर्शन एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। जिससे प्रतिभागियों को आधुनिक प्रयोगशाला तकनीकों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ।

इस अवसर पर जीआईएमएस के निदेशक डॉ. राकेश कुमार गुप्ता ने कहा कि वीआरडीएल, डीएचआर ,आईसीएमआर के सहयोग से जीआईएमएस में अत्याधुनिक सेल कल्चर अनुसंधान सुविधा स्थापित की गई है।

यह, इस सुविधा पर आयोजित पहली कार्यशाला है और भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों को उन्नत अनुसंधान तकनीकों का लाभ मिल सके तथा गुणवत्तापूर्ण जैव-चिकित्सीय अनुसंधान को बढ़ावा मिले।

कार्यशाला का समापन प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान करने के साथ हुआ। प्रतिभागियों ने कार्यशाला के व्यावहारिक स्वरूप की सराहना करते हुए इसे अपने शोध एवं शैक्षणिक कार्यों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।

डिपार्टमेंट ऑफ मेडिकल रिसर्च, जीआईएमएस ने भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं अकादमिक गतिविधियों के माध्यम से अनुसंधान क्षमता विकास और उत्कृष्ट वैज्ञानिक अनुसंधान को प्रोत्साहित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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