एनबीआरआई में हार्मोनल क्रॉस-टॉक पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी
कल राष्ट्रीय स्तर की होगा संगोष्ठी का आयोजन

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी में कल वैज्ञानिक, शोधकर्ता, छात्र एकत्र होकर मंथन करेंगे।
राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान द्वारा 15–16 जुलाई को यानि कल “हार्मोनल क्रॉस-टॉक रेगुलेटिंग प्लांट डेवलपमेंट एंड स्ट्रेस रिस्पॉन्सेज” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन केएन कौल ब्लॉक में किया जाएगा।
इस संगोष्ठी का आयोजन अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT), भारत सरकार के सहयोग से किया जा रहा है।
इस अवसर पर देशभर के प्रमुख अनुसंधान संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों के प्रख्यात वैज्ञानिक, शिक्षाविद, संकाय सदस्य, शोधकर्ता तथा विद्यार्थी एक मंच पर एकत्र होकर पादप हार्मोन सिग्नलिंग, विकासीय जीवविज्ञान,
जीनोमिक्स, जैव प्रौद्योगिकी तथा प्रतिकूल परिस्थितियों के प्रति पौधों की अनुक्रियाओं से संबंधित नवीनतम अनुसंधानों पर विचार-विमर्श करेंगे।
इस संगोष्ठी का उद्देश्य पादपों की वृद्धि, विकास तथा पर्यावरणीय तनावों के प्रति अनुकूलन को नियंत्रित करने वाले जटिल हार्मोनल तंत्रों पर वैज्ञानिक संवाद के लिए एक राष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराना है।
दो दिवसीय इस आयोजन में मूलभूत वैज्ञानिक खोजों के साथ-साथ अनुप्रयुक्त अनुसंधान पर भी चर्चा होगी, जिससे जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम, अधिक उत्पादक एवं टिकाऊ कृषि के लिए उन्नत फसल किस्मों के विकास की दिशा में नई संभावनाएँ विकसित हो सकें।
संगोष्ठी में देशभर से लगभग 150 प्रतिनिधियों, जिनमें इस क्षेत्र के अनेक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक शामिल हैं, के भाग लेने की संभावना है। संगोष्ठी का उद्घाटन समारोह बुधवार, 15 जुलाई 2026 को प्रातः 10 बजे आयोजित होगा।
इस अवसर पर डॉ. त्रिलोचन महापात्र, अध्यक्ष, पौधा किस्म एवं कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण (PPV&FRA), कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार, मुख्य अतिथि के रूप में उद्घाटन करेंगे।
संगोष्ठी के तीन प्रमुख तकनीकी सत्रों में..
👉 हार्मोनल एवं विकासीय विनियमन (होर्मोनल एंड डेवलपमेंटल रेगुलेशन )
👉 जीनोमिक्स, जीन विनियमन एवं जैव प्रौद्योगिकी (Genomics, Gene Regulation and Biotechnology)
👉 तनाव एवं पोषक तत्व जीवविज्ञान (Stress and Nutrient Biology)
इन सत्रों में देश के विभिन्न प्रमुख अनुसंधान संस्थानों तथा भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थानों के आमंत्रित विशेषज्ञ अपने व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे।
संगोष्ठी के दौरान युवा शोधकर्ताओं के लिए एक इंटरैक्टिव पोस्टर प्रस्तुति का भी आयोजन किया जाएगा। जिससे उन्हें अपने शोध कार्य प्रस्तुत करने और विशेषज्ञों से संवाद का अवसर प्राप्त होगा।
संगोष्ठी का समापन गुरुवार, 16 जुलाई को आयोजित होने वाले समापन समारोह के साथ होगा। इस अवसर पर डॉ. अश्विनी पारीक, कार्यकारी निदेशक, ब्रिक–नेशनल एग्री-फूड एंड बायोमैन्युफैक्चरिंग इंस्टीट्यूट (NABI), मोहाली, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। मंगलवार को
इस अवसर पर एनबीआरआई के निदेशक डॉ. अजीत कुमार शासनी ने कहा कि यह संगोष्ठी पादप विकासीय जीवविज्ञान, आणविक आनुवंशिकी, पादप शरीर क्रिया विज्ञान तथा जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कार्यरत वैज्ञानिकों एवं शोधकर्ताओं के बीच वैज्ञानिक संवाद और सहयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस संगोष्ठी के माध्यम से अंतर्विषयी अनुसंधान सहयोग को नई दिशा मिलेगी तथा जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के अनुरूप टिकाऊ कृषि प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए उपयोगी वैज्ञानिक निष्कर्ष प्राप्त होंगे।
संगोष्ठी के संयोजक डॉ. समीर सावंत एवं डॉ. विधु साने ने बताया कि यह दो दिवसीय आयोजन वैज्ञानिक सहयोग को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ युवा शोधकर्ताओं को देश के अग्रणी वैज्ञानिकों से प्रत्यक्ष संवाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त करने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करेगा।



