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प्रदेश में पहला सिम्युलेटर-बेस्ड हैंड्स-ऑन नी आर्थ्रोस्कोपी कोर्स की शुरुआत 

स्वास्थ्य विशेषज्ञों स्किल-बेस्ड लर्निंग पर फोकस दिया जोर 

 

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा स्किल-बेस्ड लर्निंग पर फोकस दिया जोर दिया गया।

ऑर्थोपेडिक सर्जिकल एजुकेशन को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए, संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज के ऑर्थोपेडिक्स

डिपार्टमेंट द्वारा 2 मई को एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में उत्तर भारत का पहला सिम्युलेटर-बेस्ड “हैंड्स-ऑन” नी आर्थ्रोस्कोपी (लेवल-1) कोर्स आयोजित किया गया। कोर्स के दौरान ऑर्थोपेडिक सर्जनों के लिए मॉडर्न सिमुलेशन-बेस्ड ट्रेनिंग शुरू की गई।

जिसमें असली इंस्ट्रूमेंट्स और फीडबैक टेक्नोलॉजी वाले वर्चुअल रियलिटी आर्थ्रोस्कोपी सिमुलेटर का इस्तेमाल किया गया। पार्टिसिपेंट्स को बेसिक नी आर्थ्रोस्कोपी स्किल्स, कैमरा हैंडलिंग, ट्रायंगुलेशन, पोर्टल प्लेसमेंट और डायग्नोस्टिक आर्थ्रोस्कोपी में हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग प्रदान की गयी।

जिसे संस्थान निदेशक प्रो. आरके धीमान की दूरदर्शी मार्गदर्शन में कोर्स की शुरुआत की गयी है। डॉ. अरुण श्रीवास्तव, चीफ एटीसी ऑर्गनाइजिंग चेयरमैन, डॉ. पुलक शर्मा, एडिशनल प्रोफेसर एवं हेड, ऑर्थोपेडिक्स डिपार्टमेंट, ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी उपस्थित रहे।

वर्कशॉप में सभी डेलीगेट्स के लिए रियल-टाइम सिम्युलेटर फीडबैक और इंडिविजुअल परफॉर्मेंस असेसमेंट के साथ सुरक्षित, स्ट्रक्चर्ड और स्किल-बेस्ड लर्निंग पर जोर दिया गया।

डॉ. पुलक शर्मा ने कहा कि सिमुलेशन-बेस्ड ट्रेनिंग सर्जिकल एजुकेशन का भविष्य है और इससे सर्जिकल स्किल्स और पेशेंट सेफ्टी दोनों को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

यह पहल संस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर और ऑर्थोपेडिक्स, स्पोर्ट्स इंजरी मैनेजमेंट में एडवांस्ड सर्जिकल ट्रेनिंग, इनोवेशन, एकेडमिक एक्सीलेंस के प्रति इंस्टीट्यूट के बढ़ते कमिटमेंट को दर्शाती है।

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