कोचिंग सेंटर अग्निकांड पर मुख्यमंत्री ने दिखाई सख़्ती, लिया बड़ा फैसला
रक्षा मंत्री पहुंचे केजीएमयू ट्रामा सेंटर, घायलों का जाना हाल

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगंज क्षेत्र कोचिंग सेंटर अग्निकांड पर सख्त रुख अपना लिया है। सोमवार को सीएम योगी के निर्देश पर चार अधिकारियो को सस्पेंड किया गया। जिसमें
गौरव कुमार, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर
(बिजली विभाग) जानकीपुरम,
कमलेन्द्र कुमार सिंह, FSSO (फायर विभाग) इंदिरा नगर,
अनिल कुमार, AE (LDA)
प्रमोद पांडे, JE (LDA) शामिल है। इसके अलावा बिल्डिंग मालिक को गिरफ्तार कर बीएनएस की धाराओं में मामला पंजीकृत किया गया।
वहीं मुख्यमंत्री ने अग्निकांड प्रकरण पर देर रात उच्च स्तरीय बैठक की।
इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर दो सदस्यीय विशेष जांच दल गठित किया गया। इस विशेष जांच दल में धर्मार्थ कार्य, पर्यटन/संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात तथा अपर पुलिस महानिदेशक,
लखनऊ जोन प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने जांच दल को सात दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
गौरतलब है कि घटनास्थल के निरीक्षण, केजीएमयू में मृतकों के परिजनों से मिलने व घायलों का हालचाल जानने के बाद मुख्यमंत्री ने देर रात उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। इसमें मुख्यमंत्री ने घटना को लेकर काफी रोष जताते हुए दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर घटना की जांच के लिए विशेष जांच दल बनाया गया। इसके सदस्य 07 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। वहीं रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने अग्निकांड घटनास्थल का जायजा लिया।
इसके पश्चात रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह केजीएमयू 
ट्रामा सेंटर पहुंचे जहां घायलों का हाल जानने के बाद संस्थान प्रशासन के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
अग्निकांड के बाद प्रशासन में दिखाई सख़्ती..
लखनऊ अलीगंज क्षेत्र कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड के बाद कानपुर में भी सुरक्षा मानकों को लेकर व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।
विद्यार्थियों और आम नागरिकों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। यह बातें सोमवार को केडीए उपाध्यक्ष अंकुर कौशिक ने कहीं।
कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने रविवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए 16 कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील कर दिया।
केडीए की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार जोन-1 में तीन, जोन-2 में पांच, जोन-3 में तीन तथा जोन-4 में पांच प्रतिष्ठानों के खिलाफ सीलबंदी की कार्रवाई की गई।
अंकुर कौशिक ने बताया कि लखनऊ की दुखद घटना के बाद शहर में संचालित कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सत्यापन कराया जा रहा है। जहां भी भवन उपविधियों, अग्नि सुरक्षा मानकों अथवा अन्य आवश्यक नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में 22 अन्य प्रतिष्ठानों को भी चिन्हित किया गया है। इन संस्थानों की जांच के बाद आवश्यकतानुसार नोटिस जारी करने, सीलबंदी करने अथवा अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सभी संस्थान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करें।
केडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि शहर में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सुरक्षा एवं भवन संबंधी नियमों का अनुपालन करना होगा।
चिन्हीकरण, जांच और सीलबंदी की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिस तरह से आये दिन बड़ी घटनाये होने के बाद भी प्रशासन सुधार करने में नाकाम साबित होता है।
इसके लिए प्रशासन को सख्त नियमों का अनुपालन कराना होगा तभी आम जनमानस सुरक्षित महसूस करेगा। ऐसा समाज में चर्चा का विषय बना हुआ है।



