प्रत्येक नवजात को सुरक्षित और समय पर नवजात देखभाल उपलब्ध हो- डॉ ज्योति मेहरोत्रा
इमीडिएट कंगारू मदर केयर का किया शुभारंभ

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। इमीडिएट कंगारू मदर केयर का शुभारंभ किया गया। मंगलवार को
विश्व स्तनपान सप्ताह पर वीरांगना अवंतीबाई जिला महिला चिकित्सालय में इमीडिएट कंगारू मदर केयर (Immediate Kangaroo Mother Care-I-KMC) का शुभारंभ किया गया।
भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप अब कम वजन एवं समय से पहले जन्म लेने वाले नवजातों को जन्म के तुरंत बाद कंगारू मदर केयर की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
इसका उद्देश्य नवजात को जन्म के पहले घंटे से ही त्वचा-से-त्वचा संपर्क और शीघ्र स्तनपान का लाभ उपलब्ध कराना है। वहीं अस्पताल के लेबर रूम में समय से पूर्व जन्मी 2.3 किलोग्राम वजन की नवजात बच्ची को उसकी दादी द्वारा I-KMC प्रदान करते हुए वार्ड में शिफ्ट किया गया।
इस पहल का उद्घाटन प्रमुख चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. ज्योति मेहरोत्रा एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय दोहरे द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। साथ ही
प्रमुख चिकित्सा अधीक्षिका ने कहा विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर I-KMC की शुरुआत हमारे अस्पताल के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप अब समय से पूर्व जन्मे एवं कम वजन वाले पात्र नवजातों को यह सुविधा नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाएगी।
हमारा प्रयास है कि प्रत्येक नवजात को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और समय पर नवजात देखभाल उपलब्ध हो, जिससे उसे जीवन की स्वस्थ शुरुआत मिल सके।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय दोहरे ने कहा, “अस्पताल में I-KMC को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ को प्रशिक्षित किया गया है। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक पात्र नवजात को जन्म के तुरंत बाद यह सुविधा उपलब्ध हो, ताकि उसे बेहतर नवजात देखभाल के साथ स्तनपान का लाभ भी समय पर मिल सके।
इस अवसर पर बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सलमान खान ने KMC का प्रदर्शन करते हुए I-KMC के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि समय से पूर्व जन्मे एवं कम वजन वाले नवजातों के लिए कंगारू मदर केयर एक प्रभावी एवं वैज्ञानिक पद्धति है।
जन्म के तुरंत बाद I-KMC शुरू करने से नवजात मृत्यु के जोखिम में 25 प्रतिशत तक, संक्रमण के जोखिम में 18 प्रतिशत तक तथा हाइपोथर्मिया (शरीर का तापमान कम होने) के खतरे में 35 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है।
उन्होंने बताया कि I-KMC केवल नवजात को गर्माहट देने की तकनीक नहीं है, बल्कि यह जन्म के पहले घंटे में स्तनपान शुरू कराने और पहले छह माह तक केवल स्तनपान (एक्सक्लूसिव ब्रेस्टफीडिंग) को बढ़ावा देने का भी प्रभावी माध्यम है।
इसमें नवजात को जन्म के तुरंत बाद मां या आवश्यकता पड़ने पर परिवार के किसी सदस्य की छाती से त्वचा-से-त्वचा संपर्क में रखा जाता है।
इससे नवजात का शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है, मां के दूध का स्राव बढ़ता है, नवजात के बेहतर विकास में मदद मिलती है तथा मां-बच्चे के भावनात्मक जुड़ाव को भी मजबूती मिलती है। साथ ही अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि और उपचार संबंधी जटिलताओं में भी कमी आ सकती है।
इस मौके पर बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एचएस गुप्ता, डॉ. फैजान, नर्सिंग ऑफिसर किरणलता सोनकर, लालमती, मीरा, सोनी, आभा, सरोज सहित चिकित्सालय के चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।



