24 करोड़ आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट बनाए जाने का लक्ष्य निर्धारित – डॉ. रितु माहेश्वरी
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का मण्डल स्तर का हुआ सम्मेलन

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत 24 करोड़ आईडी बनाये जाने का लक्ष्य लिया गया । बुधवार को
अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. अमित घोष के निर्देशन में राजधानी के एक होटल में लखनऊ, देवीपाटन और अयोध्या मंडल के लिए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन सम्मेलन आयोजित किया गया।
इस अवसर पर सचिव, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. रितु माहेश्वरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 24 करोड़ आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) आईडी बनाए जाने का लक्ष्य है, जिसके सापेक्ष लगभग 15 करोड़ आईडी बनाई जा चुकी हैं।
जिनमें से 40 लाख निजी अस्पतालों द्वारा निर्मित हैं। वर्तमान में 76,000 सरकारी एवं निजी अस्पताल तथा 1.05 लाख चिकित्सक एबीडीएम से जुड़े हुए हैं। उन्होंने आभा आईडी के प्रति व्यापक जनजागरूकता की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि लोगों को इसके निर्माण की प्रक्रिया, उपयोगिता और लाभों के बारे में जानकारी दी जाए।
साथ ही उन्होंने आभा आधारित ओपीडी, फार्मेसी और लैब सेवाओं के विस्तार, आभा आईडी को हेल्थ रिकॉर्ड से इंटरलिंक करने, जनपद एवं ब्लॉक स्तर पर नियमित समीक्षा करने तथा अधिकाधिक निजी अस्पतालों को एबीडीएम से जोड़ने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि एबीडीएम को एक जनांदोलन के रूप में संचालित कर इसे सफल बनाया जाए।
महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ. पवन कुमार अरुण ने कहा कि एबीडीएम का उद्देश्य आमजन को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं को पेपरलेस बनाना है।
उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने जनपदों में जनसंख्या के अनुरूप आभा आईडी बनवाना सुनिश्चित करें तथा उन्हें हेल्थ रिकॉर्ड से जोड़ें। साथ ही अधिक से अधिक संख्या में आभा आधारित ओपीडी पंजीकरण प्रारंभ करने पर भी बल दिया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनबी सिंह ने कहा कि एबीडीएम के माध्यम से चिकित्सक, अस्पताल और मरीज एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जुड़ते हैं। आभा आईडी मरीजों के समस्त मेडिकल रिकॉर्ड को सुरक्षित रखती है, जिससे प्रत्येक बार अस्पताल जाने पर पुराने दस्तावेज साथ ले जाने की आवश्यकता नहीं रहती।
इससे समय की बचत होती है और ऑनलाइन पंजीकरण के माध्यम से लंबी कतारों से भी मुक्ति मिलती है।
एबीडीएम के संयुक्त निदेशक डॉ. मोहित सिंह ने मिशन की आवश्यकता एवं कार्यप्रणाली पर विस्तार से जानकारी दी। लोकबंधु राजनारायण मिश्र जिला अस्पताल तथा केजीएमयू द्वारा एबीडीएम की विभिन्न सेवाओं को सफलतापूर्वक अपनाया गया है।
इस अवसर पर बलरामपुर जिला अस्पताल, लोकबंधु अस्पताल, शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र)आईआईएम रोड तथा राम सागर मिश्रा जिला अस्पताल को एबीडीएम के तहत बेहतर कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया। लोकबंधु अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर मिश्रा ने अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम में अपर निदेशक, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण लखनऊ मंडल डॉ. जीपी गुप्ता, अयोध्या मंडल के अपर निदेशक डॉ. बीकेएस चौहान, देवीपाटन मंडल की अपर निदेशक डॉ. अल्पना रानी गौतम, मिडलैंड से डॉ. बीपी सिंह, हिंद मेडिकल कॉलेज से डॉ. एके सचान, ग्लोब हेल्थकेयर से डॉ. दीपक अग्रवाल,
चरक हॉस्पिटल से डॉ. अश्विनी सिंह, हेल्थसिटी से डॉ. संदीप कपूर सहित विभिन्न जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला अस्पतालों के अधीक्षक, आईएमए एवं निजी अस्पतालों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।



