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मुख्यमंत्री ने दो जिलों में की विकास परियोजनाओं की बरसात 

बहराइच को मिली 70 परियोजना और श्रावस्ती को 83 विकास परियोजनाओं की सौगात

 

बहराइच। श्रावस्ती । लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। प्रदेश को विकास के पथ पर ले जाने के लिए योजनाओं की सौगात दी गयी।

मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहराइच और श्रावस्ती में विकास परिजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री बहराइच में कहा कि सपा व कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश और महाराजा सुहेलदेव को कभी सम्मान नहीं दिया।

बल्कि भारत को रौंदने, बहराइच व मां पाटेश्वरी धाम को लूटने आए आए विदेशी आक्रांता सालार मसूद के नाम पर गाजी मियां का मेला लगाना शुरू कर दिया था। हमारी सरकार ने स्पष्ट किया कि ‘नए भारत’ के ‘नए यूपी’ में किसी विदेशी आक्रांता का स्मारक और उसके नाम पर मेला स्वीकार नहीं होगा।

बहराइचवासियों ने गाजी के नाम पर होने वाले आयोजन को रोक दिया। सरकार व्यवस्था करेगी कि आगे भी गाजी के नाम पर नहीं, बल्कि महाराजा सुहेलदेव के नाम पर भव्य मेले व आयोजन हों।

मुख्यमंत्री महसी व नानपारा विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए 352 करोड़ रुपये से अधिक की 70 परियोजनाओं का लोकार्पण,शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि बहराइच एस्पिरेशनल से अब इंस्परेशनल डिस्ट्रिक्ट बन रहा है। कभी सबसे पीछे रहने वाला बहराइच देश में अब अग्रणी भूमिका निभाता है।

सीएम ने नीति आयोग के नए डेटा का उल्लेख करते हुए कहा कि एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट की रैंकिंग में बहराइच की नई पहचान स्थापित हुई है। यह बुनियादी ढांचे में पहले, कृषि में दूसरे व शिक्षा में चौथे स्थान पर है। बहराइच की इस उपलब्धि के लिए नीति आयोग ने अलग से जनपद को 21 करोड़ रुपये दिए हैं।

विपक्ष पर साधा निशाना..

मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा व कांग्रेस को कब्रिस्तान की बाउंड्री बनाने और गाजी मियां का मेला लगाने से फुर्सत नहीं मिलती थी। महाराज सुहेलदेव ने गाजी मियां को ऐसी मौत दी थी, जिसे इस्लाम में सबसे खराब माना जाता है।

एनडीए सरकार ने चित्तौरा में महाराजा सुहलदेव का भव्य स्मारक बनाया। जो कार्य 1947-48 में होना चाहिए था, वह कार्य मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने और यूपी में डबल इंजन सरकार आने के बाद हो पाया।

बाराबंकी-बहराइच एक्सेस कंट्रोल्ड फोरलेन कॉरिडोर निर्माण के लिए 7000 करोड़ रुपये की मंजूरी..

मुख्यमंत्री ने बहराइचवासियों को विकास योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि यहां महाराज सुहेलदेव के नाम पर मेडिकल कॉलेज, ऋषि बालार्क के नाम पर अस्पताल है।

लखनऊ से बहराइच फोरलेन निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 102 किमी. लंबे बाराबंकी-बहराइच एक्सेस कंट्रोल्ड फोरलेन कॉरिडोर निर्माण के लिए 7000 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। 115 करोड़ रुपये से घाघरा (सरयू) पर बाढ़ बचाव की 22 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं।

रुपईडीहा (नेपाल) सीमा पर इंडस्ट्रियल लॉजिस्टिक कॉरिडोर विकसित करने की योजना तैयार है। बहराइच से खलीलाबाद रेल लाइन निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण कार्य चल रहा है।

गोरखपुर से शामली तक बनने वाला इकॉनमिक कॉरिडोर बहराइच से होकर ही जाएगा। इस इंफ्रास्ट्रक्चर से बहराइच उद्योग व निवेश के नए केंद्र के रूप में विकसित होगा, जिससे नौजवानों को रोजगार, नौकरी मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बहराइच में भी विकसित भारत की उज्ज्वल तस्वीर दिखती है। यहां कतर्नियाघाट की अनुपम प्राकृतिक धरोहर है। किसानों ने प्राकृतिक खेती के लिए जिन जनपदों में सर्वाधिक कार्य किया है, उसमें बहराइच भी है।

डबल इंजन सरकार ने जो कार्य किया है, वह विधायक-सांसद आदि की दिनरात मेहनत के कारण संभव हो पाया है, क्योंकि ये लोग दिल्ली,लखनऊ में मजबूत पैरवी करते हैं।

12 कस्तूरबा विद्यालयों को अपग्रेड कर 12वीं तक किया गया है। 32 राजकीय नवीन हाईस्कूल व राजकीय इंटर कॉलेज, दो राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के निर्माण व उन्नयन कार्य, 2 मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण की परियोजना चल रही है। साथ ही भरथापुर में दलित, वंचित व पिछड़ी जाति के 500 विस्थापित लोगों के पुनर्वास के लिए नई कॉलोनी बन रही है।

बहराइच अब लम्बी छलांग लगाने की तैयारी में..

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग के सर्वे बताते हैं कि बहराइच अब लंबी छलांग लगाने की तैयारी कर रहा है। जो क्षेत्र कभी भारत की सत्ता के संचालन का केंद्र हुआ करता था, वह पिछड़ा और बीमारू कैसे हो सकता था।

दरअसल बीमारू मानसिकता के कारण तत्कालीन सरकारों ने बहराइच को पीछे धकेल दिया था।लेकिन डबल इंजन सरकार के कारण हर क्षेत्र में परिवर्तन आया। अब यूपी में उपद्रव नहीं, उत्सव है।

अन्य प्रदेश के लोग अब यूपीवालों को शंका की दृष्टि से नहीं देखते, बल्कि गले लगाते हैं। काशी, अयोध्या, लखनऊ, नैमिषारण्य, बहराइच आने वाले लोग अब अभिभूत होकर लौटते हैं।

मुख्यमंत्री ने 9 साल पहले बहराइच की दुर्दशा का जिक्र किया, कहा कि यह जनपद हाथ फैलाने को मजबूर था। लैंड, सैंड, वन माफिया प्राकृतिक संसाधनों को लूटते थे। जिससे यहां के लोग बदनाम होते थे।

सत्ता के संरक्षण में रहने वाले माफिया अनैतिक गतिविधियों का संचालन करते थे। यहां के नागरिकों व जनपद की आर्थिक स्थिति भी खराब थी। नीति आयोग ने जो रिपोर्ट जारी की थी, उसमें देश के सबसे बीमार 100 जनपदों में बहराइच भी शामिल था।

बहराइच के बच्चों का असमय बीमारी की चपेट में आना चिंता का विषय़

सीएम ने कहा कि बहराइच के बच्चों का असमय बीमारी की चपेट में आना चिंता का विषय़ था। जिसने महाराजा सुहेलदेव के शौर्य, बालार्क ऋषि की साधना/सिद्धि, महाराजा बलभद्र सिंह चहलारी के बलिदान को स्मरण किया होगा, उसे बहराइच का बीमारूपन चिंतित करता था। लेकिन, सपा व कांग्रेस के एजेंडे में सिर्फ एक वंश, परिवार व स्वयं का विकास था।

वन्यजीवों से बचाव के लिए सतर्कता जरुरी..

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में वन्यजीवों (टाइगर, लैपर्ड, मगरमच्छ, लकड़बग्घा आदि) का खतरा बना रहता है। इनके कारण हर वर्ष व्यापक जनहानि भी होती है, इसलिए सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

सीएम ने प्रशासन व वन विभाग को निर्देशित किया कि पेट्रोलिंग बढ़ाएं, लाइटें व घरों में दरवाजे लगवाएं। सीएम ने अपील की कि लोग संवेदनशील स्थानों को लेकर सतर्क रहें। ऐसे स्थानों पर छोटे बच्चों को लेकर न चलें।

वन्यजीवों से बचाव के लिए साथ में डंडा आदि रखें। सतर्कता से ही सुरक्षा होगी। ग्राम प्रधान, क्षेत्र व जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख के साथ ही विधायक, सांसद, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद, चेयरमैन आदि जनप्रतिनिधि इस संबंध में बैठक कर लोगों को जागरूक करें।

इस दौरान उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, सांसद आनंद गोंड, विधायक सुरेश्वर सिंह, रामनिवास वर्मा, अनुपमा जायसवाल, सुभाष त्रिपाठी, सरोज सोनकर, विधान परिषद सदस्य पद्मसेन चौधरी, प्रज्ञा त्रिपाठी, जिला पंचायत प्रशासक मंजू सिंह, पूर्व सांसद अक्षयवर लाल गोंड, पूर्व कैबिनेट मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष बृजेश पांडेय, अपना दल के जिलाध्यक्ष गिरीश पटेल आदि मौजूद रहे।

श्रावस्ती में 83 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास..

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ माता जानकी के आशीर्वाद से अभिसिंचित पावन धरा जनपद श्रावस्ती के भिनगा एवं श्रावस्ती विधान सभा क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए ₹396 करोड़ से अधिक लागत की 83 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, चाबी, स्टडी किट एवं आयुष्मान कार्ड भी वितरित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि

विकास, डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता है, जिसका प्रतिफल है कि पिछले 9 वर्षों में श्रावस्ती ने एक नई ऊंचाई अर्जित की है और अब श्रावस्ती आकांक्षी जनपद से प्रेरणादायी जनपद बनकर अपनी नई चमक बिखेर रहा है।

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