वेतन रोके जाने पर कर्मचारी परिषद में बढ़ा आक्रोश
परिषद ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को लिखा पत्र

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। कर्मचारियों का वेतन रोके जाने पर मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को पत्र जारी किया। गुरुवार को
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा ने मुख्यमंत्री को एवं मुख्य सचिव को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि कतिपय अधिकारी,कर्मचारियों द्वारा मानव संपदा पोर्टल पर चल-अचल संपत्ति का ब्योरा न भर पाने के कारण विगत माह का वेतन रोक दिया गया है जो न्यायोचित नहीं है ।
श्री मिश्रा ने कहा कि कतिपय कर्मचारियों को कम्प्यूटर का ज्ञान न होने के कारण वे अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा नहीं भर पाये। ये वे कर्मचारी है जो कि या तो फील्ड,रूरल में सर्विस कर रहे है और आज भी की पैड वाला फोन का इस्तेमाल कर रहे है।
जिसके कारण वे भरने में असमर्थ रहे । उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कर्मचारियों की सुविधा के लिये दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जिसका लाभ कार्ड बनवाकर प्राप्त कर सकते हैैं।
बल्कि अधिकांश आज भी कर्मचारियों का कैशलेस कार्ड नहीं बन पाया है और वे लाभ लेने से वंचित है। जबकि साधन व जानकारी का अभाव के चलते वेतन रोकने जैसा कृत मानवीय दृष्टिकोण से कदापि उचित नही है ।
आज के परिवेश में यदि कर्मचारी का वेतन कुछ दिन विलम्ब होता है तो उसको और उसके परिवार को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा है। ऐसी परिस्थिति में वेतन रोक देने से कर्मचारी व उसका परिवार भुखमरी की कगार पर है।
बोर्ड सहित समस्त कक्षाओ की परीक्षाएं चल रही है इनके बच्चों को उसमें भी समस्यायें आ रही है साथ ही होली जैसे पर्व पर वेतन न मिलना एक तरह से सरकार के द्वारा शोषण की श्रेणी में आता है।
कई जनपदों से पदाधिकारियों द्वारा यह भी संज्ञान में लाया गया है कि वर्तमान में कई दिनों से पोर्टल भी बन्द चल रहा है। जिसके कारण जो प्रयास कर भी रहे है तो उनका भी हो नहीं रहा।
श्री मिश्रा ने बताया कि परिषद द्वारा कैशलेस इलाज की सुविधा कर्मचारियों को प्राप्त हो, इसके लिए मुख्य सचिव स्तर पर हुई बैठकों में सुझााव दिया गया था कि प्रत्येक जनपदीय कार्यालयों में कैम्प लगाकर उनका कार्ड बनवाया जाये।
श्री मिश्र ने कहा कि मानव संपदा पोर्टल पर जिन कर्मचारियों का ब्योरा उपलब्ध नहीं है, उनका ब्योरा पोर्टल पर अपलोड करने के लिए सरकार को उचित व्यवस्था करनी चाहिए। उसके उपरान्त ही यदि कोई कर्मचारी ब्योरा उपलब्ध नहीं कराता है तो उसको चेतावनी देने के उपरान्त ही वेतन रोका जाये।
परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा ने मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को पत्र लिखकर आग्रह किया है। उन्होंने कहा मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुये व होली जैसे महापर्व को दृष्टिगत रखते हुये होली के पूर्व वेतन भुगतान करने के लिए निर्देषित किया जाये । जिससे सरकार के इस निर्णय का दंश कर्मचारियों के परिवार को सामाजिक रूप से न झेलना पड़े।



