एकेटीयू ने छात्रों की बेहतर ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट के लिए की पहल
नशे से मुक्ति के लिए प्राणायाम

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। छात्रों को बेहतर ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट के लिए की पहल की गयी। गुरुवार को
डाॅ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय अपने छात्रों को बेहतर एवं नई तकनीकी से लैस करने की लगातार पहल कर रहा है।
छात्रों को न केवल कार्यशाला, सेमिनार, हैंड्स ऑन ट्रेनिंग के जरिये प्रशिक्षित किया जा रहा है। बल्कि प्लेसमेंट के भी बेहतर अवसर उपलब्ध कराये जा रहे हैं।
इसे और बेहतर करने के लिए पूरे प्रदेश के संबद्ध संस्थानों को रीजनवाइज कर ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर की कोर कमेटी बनायी जाएगी। इस कोर कमेटी में से ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट में अच्छा परिणाम देने वाले टीपीओ को बेस्ट टीपीओ अवार्ड भी दिया जाएगा।
हाल ही में कुलपति प्रो जेपी पाण्डेय के निर्देशन में लखनऊ एवं नोएडा में विश्वविद्यालय एवं एचसीएल गुवी ने मिलकर टीपीओ मीट का आयोजन किया।
इस मौके पर कुलपति प्रो जेपी पाण्डेय ने कहा कि ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट दो आयाम हैं। इसलिए जरूरी है कि टीपीओ इन्हें अलग-अलग रूपों में समझकर अपनी तैयारी करें। तभी बेहतर परिणाम निकल सकेंगे। मीट में एचसीएल गुवी की ओर से दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में टीपीओ को जानकारी दी गयी।
साथ ही विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट की ओर से बनायी जा रही कार्ययोजनाओं के बारे में भी विस्तार से डीन ट्रेनिंग एंड प्लसेमेंट प्रो अरूणिमा ने बताया।
इस मौके पर तय हुआ कि पूरे प्रदेश में फैले साढ़े सात सौ से ज्यादा संबद्ध संस्थानों को रीजन वाइज बांटा जाएगा। जिससे कि ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट आॅफिसर की कोर कमेटी बनायी जा सके।
महीने में एक बार समीक्षा बैठक की जाएगी। इसमें अच्छा काम करने वाले टीपीओ को बेस्ट टीपीओ अवार्ड दिया जाएगा। ताकि ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट को बढ़ावा दिया जा सके। साथ ही विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट विभाग की ओर से समय सारणी भी जारी की जाएगी।
इसके अलावा टीपीओ से हाल ही में शुरू हुए यूराइज के सीटीपीसी पोर्टल पर पंजीकरण कराने के लिए कहा गया है। मीट में 150 से ज्यादा टीपीओ ने प्रतिभाग किया। इस दौरान उप परीक्षा नियंत्रक नेहा श्रीवास्तव, प्रतिभा शुक्ला सहित एचसीएल गुवी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
नशे से मुक्ति के लिए प्राणायाम
कुलपति प्रो जेपी पाण्डेय के निर्देशन में नशा मुक्ति अभियान के तहत सहज योग संस्था की ओर से प्राणायाम कराया गया। संस्था के निशित श्रीवास्तव, विमल चंद्र साहनी ने मष्तिस्क में चलने वाले तमाम विचारों से मुक्ति और शांति के लिए प्राणायाम कराया।
नियमित रूप से अन्त्य नाड़ी को जाग्रत करने वाले प्राणायाम से असीम लाभ होगा। उन्होंने सभी से इस अपनी दिनचर्या में शामिल करने की अपील की। कार्यक्रम का समन्वय डाॅ0 वर्षा शुक्ला ने किया।
इंटर्न ने प्रस्तुत किए नवाचार आधारित प्रोजेक्ट्स..
कुलपति प्रो. जेपी पांडेय के मार्गदर्शन में इनोवेशन हब यूपी फाउंडेशन इंटर्नशिप प्रोजेक्ट प्रेजेंटेशन प्रोग्राम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य इंटर्नशिप पूर्ण कर चुके विद्यार्थियों द्वारा अपने कार्यों, नवाचारों एवं परियोजनाओं का प्रस्तुतीकरण करना तथा उन्हें
विश्वविद्यालय के नवाचार एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम से और अधिक जोड़ना था। चयनित 49 विद्यार्थियों में से 15 विद्यार्थियों ने सफलतापूर्वक अपनी इंटर्नशिप पूर्ण की।
डीन इनोवेशन एवं सोशल एंटरप्रेन्योरशिप तथा निदेशक, इनोवेशन हब प्रो. बीएन मिश्रा के नेतृत्व एवं डॉ. अनुज कुमार शर्मा, एसोसिएट डीन (इनोवेशन) के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने एआई
असिस्टेड वर्चुअल लैब, आॅटोनाॅमस टूर गाइड रोबोट, स्मार्ट टूर ट्रैकर सहित विभिन्न नवाचार एवं अनुसंधान आधारित परियोजनाओं पर किए गए अपने कार्यों का प्रभावी प्रस्तुतीकरण किया।
प्रस्तुतीकरण के बाद कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने सभी 15 विद्यार्थियों को इंटर्नशिप पूर्णता प्रमाण-पत्र प्रदान करते हुए उनके उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की।उन्होंने कहा कि इस प्रकार के व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों के
कौशल विकास के साथ-साथ उन्हें रोजगार, अनुसंधान एवं उद्यमिता के लिए भी तैयार करते हैं तथा विद्यार्थियों को अपने नवाचारी विचारों को समाज एवं उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इंटर्नशिप के माध्यम से उन्हें वास्तविक परियोजनाओं पर कार्य करने, नई तकनीकों को सीखने तथा स्टार्टअप एवं नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र की व्यावहारिक समझ विकसित करने का अवसर प्राप्त हुआ, जो उनके भविष्य के करियर एवं उद्यमशीलता की दिशा में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।
इस अवसर पर इनोवेशन हब यूपी फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी महीप सिंह ने विद्यार्थियों को अपने नवाचारी विचारों को सफल स्टार्टअप में परिवर्तित करने तथा उपलब्ध सरकारी योजनाओं एवं विश्वविद्यालय की सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।



