नेत्र रोगियों के लिए रेटिनल लेजर यूनिट का उद्घाटन
आरएमएल निदेशक ने यूनिट का किया उद्घाटन

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। रेटिना रोगियों के लिए इलाज आसान हो गया। शनिवार को
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के नेत्र रोग विभाग द्वारा रेटिनल लेजर यूनिट का उद्घाटन एवं डायबिटिक रेटिनोपैथी पर सम्मेलन-सह-कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम की थीम ओक्टा से लेजर तक डायबिटिक रेटिनोपैथी में: सटीक निदान, सटीक उपचार रही। वहीं संस्थान के निदेशक, प्रो सीएम सिंह द्वारा ओपीडी ब्लॉक के प्रथम तल पर स्थित नेत्र रोग विभाग में पैटर्न स्कैनिंग लेजर तकनीक से युक्त रेटिनल लेजर प्रणाली का उद्घाटन किया।
यह सुविधा डायबिटिक रेटिनोपैथी तथा रेटिना की अन्य रक्तवाहिका संबंधी बीमारियों के उपचार में एक महत्वपूर्ण प्रगति मानी जा रही है।
पारंपरिक रेटिनल लेजर प्रणालियों में सामान्यतः एक समय में एक लेजर स्पॉट दिया जाता है। जबकि पैटर्न स्कैनिंग लेजर तकनीक के माध्यम से पूर्वनिर्धारित पैटर्न में एक साथ अनेक लेजर स्पॉट अधिक तेजी और सटीकता से दिए जा सकते हैं।
इससे उपचार में लगने वाले समय को कम करने तथा मरीजों की सुविधा बढ़ाने में सहायता मिल सकती है। इस तकनीक की उपलब्धता से संस्थान में रेटिना संबंधी उपचार सेवाओं की गुणवत्ता एवं कार्यक्षमता में वृद्धि होने की उम्मीद है।
कार्यक्रम का एक अन्य प्रमुख आकर्षण ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी एंजियोग्राफी सुविधा का उद्घाटन रहा। ओक्टा एक आधुनिक, गैर-आक्रामक रेटिनल इमेजिंग तकनीक है।
जिसके माध्यम से बिना नस में डाई इंजेक्ट किए रेटिना एवं कोरॉइड की सूक्ष्म रक्तवाहिकाओं में रक्त प्रवाह का विस्तृत अध्ययन किया जा सकता है। इस सुविधा की उपलब्धता से डायबिटिक रेटिनोपैथी सहित रेटिना संबंधी विभिन्न बीमारियों के निदान एवं प्रबंधन में विभाग की क्षमता और मजबूत होगी।
डायबिटिक रेटिनोपैथी मधुमेह की एक गंभीर जटिलता है। जिसके कारण समय पर निदान एवं उपचार न होने पर दृष्टि की स्थायी हानि हो सकती है। इस बीमारी से होने वाले अंधत्व की रोकथाम के लिए समय पर जांच, नियमित रेटिना परीक्षण तथा उचित उपचार अत्यंत आवश्यक हैं।
संस्थान में रेटिनल इमेजिंग एवं लेजर उपचार सुविधाओं की उपलब्धता से मरीजों को समय पर उचित उपचार प्रदान करने तथा बेहतर दृश्य परिणाम प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
सम्मेलन-सह-कार्यशाला का उद्देश्य नेत्र रोग विशेषज्ञों को रेटिनल इमेजिंग की नवीनतम तकनीकों, विशेषकर ओक्टा , तथा डायबिटिक रेटिनोपैथी के आधुनिक लेजर उपचार के संबंध में अद्यतन जानकारी प्रदान करना था।
कार्यक्रम का आयोजन प्रो लक्ष्मी सिंह, आयोजन अध्यक्ष तथा डॉ. आलोक रंजन, आयोजन सचिव के नेतृत्व में संस्थान के प्रशासनिक सहयोग से किया गया। प्रो लक्ष्मी सिंह ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी विशिष्ट अतिथियों, विशेषज्ञों, संकाय सदस्यों एवं प्रतिनिधियों का स्वागत किया।
इस अवसर पर संस्थान के डीन प्रो राजन भटनागर, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो विक्रम सिंह तथा चिकित्सा अधीक्षक प्रो अरविंद कुमार सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
संस्थान निदेशक प्रो सीएम सिंह ने आधुनिक तकनीक तथा उन्नत निदान एवं उपचार सुविधाओं के माध्यम से नेत्र चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने के महत्व पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि पैटर्न स्कैनिंग रेटिनल लेजर प्रणाली से विशेष रूप से रेटिना संबंधी बीमारियों से पीड़ित जरूरतमंद मरीजों को लाभ मिलेगा तथा उन्हें किफायती दर पर आधुनिक उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।
उन्होंने नेत्र रोग विभाग के प्रयासों की सराहना की और विश्वास व्यक्त किया कि इन नई सुविधाओं से विभाग की उपचार क्षमता में वृद्धि होगी तथा मरीजों को बेहतर नेत्र चिकित्सा सेवाएं प्राप्त होंगी।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो विक्रम सिंह ने डायबिटिक रेटिनोपैथी के कारण होने वाले अंधत्व की रोकथाम के लिए शीघ्र निदान एवं समय पर उपचार के महत्व को रेखांकित किया।
उन्होंने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अकादमिक उत्कृष्टता, नवाचार तथा विभिन्न विशेषज्ञों के बीच सहयोग को निरंतर बढ़ावा देने पर जोर दिया।
संस्थान के डीन प्रो राजन भटनागर ने नेत्र रोग विभाग द्वारा की गई इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि उन्नत चिकित्सा तकनीकों की उपलब्धता मरीजों की देखभाल एवं चिकित्सकीय सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
चिकित्सा अधीक्षक प्रो अरविंद कुमार सिंह ने भी विभाग की इस पहल की सराहना की। उन्होंने मरीजों की बेहतर देखभाल एवं दृष्टिहीनता की रोकथाम में आधुनिक निदान और उपचार सुविधाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
उन्होंने डायबिटिक रेटिनोपैथी से समाज पर पड़ने वाले व्यापक प्रभाव तथा इसकी समय पर जांच और उचित उपचार की आवश्यकता को भी रेखांकित किया।
इस सम्मेलन में विभिन्न चिकित्सा संस्थानों से अनेक प्रतिष्ठित नेत्र रोग विशेषज्ञों एवं चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने सहभागिता की।
उपस्थित प्रमुख विशेषज्ञों में डॉ. विकास कनौजिया, विभागाध्यक्ष, नेत्र रोग विभाग, एसजीपीजीआई, लखनऊ डॉ आरएन कुशवाहा, विभागाध्यक्ष, नेत्र रोग विभाग, राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, उरई; डॉ. आरसी गुप्ता, प्राचार्य,
एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज, मेरठ; डॉ. परवेज खान, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर; तथा डॉ. प्रगति गर्ग, एम्स, रायबरेली शामिल रहे। इनके अतिरिक्त अनेक अन्य संकाय सदस्यों एवं प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
कार्यक्रम के अंत में आयोजन सचिव एवं रेटिना तथा यूविया क्लिनिक के प्रभारी डॉ. आलोक रंजन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
आयोजन समिति की ओर से उन्होंने संस्थान के निदेशक प्रो सीएम सिंह के निरंतर मार्गदर्शन, प्रोत्साहन एवं सहयोग के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने संस्थान के प्रशासन, सभी अतिथियों,
आमंत्रित विशेषज्ञों, संकाय सदस्यों, प्रतिनिधियों तथा कार्यक्रम के सफल आयोजन में योगदान देने वाले सभी लोगों के प्रति भी धन्यवाद व्यक्त किया।
उन्नत रेटिनल लेजर प्रणाली एवं ओक्टा सुविधा का शुभारंभ संस्थान में नेत्र चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
यह पहल संस्थान की आधुनिक, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण नेत्र चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।



