क्षय रोगियों को गोद लेने के साथ बांटी पोषण पोटली
76 टीबी मरीजों को पोषण पोटली का किया वितरित

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। टीबी मुक्त भारत अभियान को गतिशील बनाया गया। गुरुवार को
प्रधानमंत्री के 76वें जन्मदिन के अवसर पर “टीबी. मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के श्वसन रोग विभाग एवं राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) द्वारा क्षय रोगियों को गोद लेने एवं पोषण पोटली वितरण कार्यक्रम सेमिनार हॉल, हॉस्पिटल ब्लॉक में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विभागाध्यक्ष प्रो अजय कुमार वर्मा द्वारा स्वागत संबोधन से किया गया । इसके पश्चात संस्थान निदेशक प्रो सीएम सिंह ने अपने संबोधन में टीबी उन्मूलन के लिए सामुदायिक सहभागिता, पोषण सहयोग तथा मरीजों द्वारा उपचार के दौरान नियमित रूप से दवा लेने के महत्व पर प्रकाश डाला।
इसके बाद संस्थान के डीन प्रो राजन भटनागर ने अपने संबोधन में “टीबी मुक्त भारत” के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं समाज के सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान कुल 76 टीबी मरीजों को पोषण पोटली वितरित की गई तथा क्षय रोगियों को गोद लेने की पहल की गई। इस महत्वपूर्ण सामाजिक पहल में जितेंद्र नारायण, समाजसेवी, एवं सत्येंद्र कुमार, नर्सिंग अधिकारी,
केजीएमयू, का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। पोषण पोटली के माध्यम से टीबी मरीजों को उपचार के साथ पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने तथा उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ में सहयोग देने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का आयोजन प्रो अजय कुमार वर्मा, आयोजन अध्यक्ष के नेतृत्व में किया गया। आयोजन समिति में डॉ. पुलकित गुप्ता एवं डॉ. सुलक्षणा गौतम, आयोजन सचिव, तथा डॉ. हेमंत कुमार एवं डॉ. मृत्युंजय सिंह, सह-आयोजन सचिव ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सक्रिय योगदान दिया।
कार्यक्रम का कुशल संचालन एवं मंच संचालन डॉ. मृत्युंजय सिंह द्वारा किया गया।
कार्यक्रम का समापन डॉ. सुलक्षणा गौतम, सहायक प्रोफेसर, श्वसन रोग विभाग द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
उन्होंने मुख्य अतिथि, सभी सम्मानित अतिथियों, चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, एनटीईपी टीम, सहयोगियों तथा कार्यक्रम में उपस्थित टी.बी. मरीजों एवं उनके परिजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर संस्थान के चिकित्सक, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ, एनटीईपी टीम, टीबी मरीज एवं उनके परिजन उपस्थित रहे।



