श्रीमद्भागवत कथा से पहले हुआ सुन्दरकाण्ड का पाठ
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक कथा शुभारम्भ में हुए शामिल

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी में श्रीमदभागवत कथा के आरम्भ में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक पहुंचे और कथा का रसपान किया।
रविवार को श्री राधारमण सेवा समिति के तत्वावधान में 4 से 10 अक्टूबर तक चलने वाली श्रीमद्भागवत राधारमण कथा का आयोजन डीएवी कॉलेज, पं. रास बिहारी तिवारी मार्ग, ऐशबाग में शुभारम्भ किया गया ।
कथा का वाचन वृंदावन धाम के पुंडरीक गोस्वामी महाराज द्वारा आरम्भ किया गया।
कथा के शुभारंभ से पूर्व सुंदरकांड का विधिवत पाठ किया गया। इसके पश्चात परम पूज्य पुंडरीक गोस्वामी महाराज के कथा स्थल पर पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने स्वागत किया।
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया। वहीं
कथा का शुभारंभ श्री राधारमण लाल के जयकारों, शंखनाद तथा “हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, हरे राम, हरे राम” के संकीर्तन के साथ हुआ।
अयोध्या धाम स्थित रामजानकी मंदिर से पधारे कौशल दास महाराज ने श्रद्धालुओं के साथ “ले लो, ले लो हरि का नाम, अमृत बरसेगा, अमृत बरसेगा” का भावपूर्ण संकीर्तन कराया तथा सभी श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया।
मुख्य आयोजक डिप्टी सी एम ब्रजेश पाठक का भव्य स्वागत किया गया तथा उन्होंने श्रद्धापूर्वक श्रीमद्भागवत कथा का रसपान किया।
कथा में श्रीमद्भागवत महापुराण के माहात्म्य का विस्तार से वर्णन किया गया।
पुंडरीक गोस्वामी महाराज ने श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत महापुराण के आध्यात्मिक महत्व से अवगत कराया तथा भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, प्रेम और समर्पण का संदेश दिया।
आयोजक अमरनाथ मिश्र ने बताया कि आश्विन मास के पितृपक्ष के पावन अवसर पर श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा का आयोजन विशेष रूप से यजमानों के दिवंगत पितरों एवं पूर्वजों की आत्मिक शांति, तृप्ति एवं मोक्ष की कामना से किया गया है।
पितृपक्ष के इस पावन अवसर पर श्रद्धालु अपने पितरों के निमित्त धार्मिक अनुष्ठान एवं कथा श्रवण कर रहे हैं।
कथा के आयोजन में आयोजक एवं यजमान राजेंद्र कुमार अग्रवाल, लोकेश अग्रवाल, अनिल कुमार अग्रवाल, मुन्ना भइया, रोहित अग्रवाल, अमित अग्रवाल, समीर मित्तल, नवीन गुप्ता, अनुराग मिश्रा,
आनंद रस्तोगी, शिवम अग्रवाल, आर.एन. सिंह, सुनील कुमार मिश्रा, मनोज राय, कुश मिश्रा एवं दिव्यांशु शुक्ला (हनी) सहित अनेक श्रद्धालुओं का विशेष सहयोग रहा।
इसके साथ ही सिविल डिफेन्स के स्वयंसेवक भी कथा की व्यवस्था में निःस्वार्थ भाव से जुटे रहे। श्रद्धालुओं के आवागमन, बैठने, सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आयोजक अमरनाथ मिश्र ने बताया कि इस कथा के माध्यम से राधा-कृष्ण की भक्ति, प्रेम, करुणा और सनातन संस्कृति के आध्यात्मिक संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से सपरिवार कथा में उपस्थित होकर श्री राधारमण लाल जी की भक्ति एवं कृपा प्राप्त करने का आह्वान किया।



