नशे की रोकथाम और स्वस्थ जीवनशैली के लिए चलाया जागरूकता अभियान
220 विद्यार्थियों ने अभियान में की सहभागिता

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। स्वस्थ जीवनशैली के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया। गुरुवार को
मानसिक स्वास्थ्य, नशे की रोकथाम और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में सहयोगी संस्था फैमिली प्लानिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया
(एफपीएआई) के सहयोग से गोमती नगर स्थित एसकेडी अकादमी, विक्रांत खंड में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 220 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। वहीं
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर बलरामपुर जिला अस्पताल की सायकोलॉजिस्ट डॉ. रजनीगंधा श्रीवास्तव ने कहा कि स्वस्थ और सफल जीवन के लिए मानसिक एवं शारीरिक, दोनों तरह का स्वास्थ्य महत्वपूर्ण है।
उन्होंने विद्यार्थियों को तनाव, साथियों के दबाव (पीयर प्रेशर), सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और नशे की प्रवृत्ति के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि इनका असर स्वास्थ्य के साथ-साथ पढ़ाई, पारिवारिक एवं सामाजिक संबंधों और भविष्य पर भी पड़ सकता है।
डॉ. श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, संतुलित एवं पौष्टिक आहार, आत्म-देखभाल और सकारात्मक सोच को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने तनाव और भावनाओं को बेहतर ढंग से समझने तथा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जिम्मेदारीपूर्ण निर्णय लेने के महत्व पर भी चर्चा की।
उन्होंने विद्यार्थियों से पीयर प्रेशर में आकर गलत निर्णय न लेने और तंबाकू, शराब, धूम्रपान एवं वेपिंग जैसे हानिकारक पदार्थों से दूर रहने की अपील की।
साथ ही कहा कि किसी भी मानसिक या भावनात्मक परेशानी को छिपाने के बजाय परिवार, शिक्षक अथवा किसी विश्वसनीय व्यक्ति से बात करनी चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ की मदद लेने में संकोच नहीं करना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर खुलकर संवाद करने और इससे जुड़े भ्रम एवं सामाजिक कलंक को दूर करने का संदेश भी दिया गया।
एसकेडी अकादमी की वाइस प्रिंसिपल आकांक्षा शर्मा ने कहा कि आज के समय में विद्यार्थियों का मानसिक स्वास्थ्य उतना ही महत्वपूर्ण है। जितना उनका शारीरिक स्वास्थ्य। पढ़ाई के दबाव, प्रतिस्पर्धा, सोशल मीडिया और साथियों के प्रभाव के बीच बच्चों को सही मार्गदर्शन और सकारात्मक माहौल की आवश्यकता होती है।
ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी भावनाओं को समझने, तनाव से निपटने और सही निर्णय लेने में मदद करते हैं। हमारा प्रयास है कि विद्यार्थी न केवल शैक्षणिक रूप से सफल हों, बल्कि मानसिक रूप से मजबूत, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक भी बनें।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने और स्वस्थ, सकारात्मक एवं नशामुक्त जीवन जीने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर विद्यालय की सीनियर इंचार्ज मेखला नाटू, अन्य शिक्षक , एफपीएआई की प्रोग्राम ऑफिसर वर्तिका दुबे, श्वेता, हृतिक सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।



