कर्मचारी परिषद ने कुलसचिव को हटाने के लिए मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
15 सितंबर से धरना-प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन आंदोलन का किया ऐलान

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। केजीएमयू कर्मचारी परिषद ने कुल सचिव को हटाने के लिए मांग करते मुख्यमंत्री को पत्र जारी किया।
गुरुवार को कर्मचारियों की लंबित वेतन, पदोन्नति, वेतन निर्धारण, सेवा प्रकरण, रिक्त पदों पर भर्ती, शासनादेशों के अनुपालन तथा पांच कार्यपरिषद-अनुमोदित कैडर प्रस्तावों के अपेक्षित निस्तारण में हो रही देरी को लेकर कर्मचारियों में लगातार आक्रोश बढ़ने लगा है।
कर्मचारी परिषद पदाधिकारियों ने पत्र जारी करते हुए कहा कि इसी वर्ष 18 मई को हुई बैठक में एक माह के भीतर समस्याओं के समाधान का आश्वासन मिलने के बाद 22 मई को प्रस्तावित आंदोलन स्थगित किया गया था।
लेकिन लगभग चार माह बाद भी कई प्रकरण लंबित हैं। कुछ कर्मचारियों द्वारा अपनी समस्याएं अथवा शिकायतें रखने के बाद प्रतिकूल कार्रवाई किए जाने की शिकायतों का भी परिषद ने उल्लेख किया है। जिसकी निष्पक्ष एवं नियमानुसार समीक्षा की मांग की गई है।
कर्मचारी परिषद ने मुख्यमंत्री से वर्तमान कुलसचिव को तत्काल हटाकर शासन स्तर पर वापस बुलाए जाने तथा लंबित कर्मचारी प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण की मांग की है।
वहीं परिषद ने 15 सितंबर से धरना-प्रदर्शन, 16 सितंबर को नियमानुसार कार्यबहिष्कार, विरोध, 17 सितंबर को व्यापक विरोध तथा 18 सितंबर से मांगों के समाधान तक अनिश्चितकालीन आंदोलन की घोषणा की है।
परिषद ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन का उद्देश्य मरीजों को असुविधा पहुंचाना नहीं, बल्कि कर्मचारियों की लंबित समस्याओं का नियमानुसार समाधान कराना है तथा आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।
परिषद ने यह भी कहा है कि यदि किसी कर्मचारी द्वारा स्वयं को नुकसान पहुंचाने जैसी कोई बात सामने आती है तो प्रशासन उसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल सुरक्षा, आवश्यक सहायता एवं परामर्श उपलब्ध कराए। ऐसे में कर्मचारी परिषद किसी भी कदम का समर्थन नहीं करती है।



