टीबी को खत्म करने को केवल स्वास्थ्य विभाग के प्रयास ही पर्याप्त नहीं – डॉ एनबी सिंह
टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत ‘जोश टीम’ का शुभारंभ

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत ‘जोश टीम’ का शुभारंभ किया गया।
गुरुवार को केंद्रीय स्तर पर नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम से वर्चुअली मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एनबी सिंह, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एके सिंघल सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी और राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के कर्मचारी जुड़े।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी कहा कि टीबी को खत्म करने के लिए केवल स्वास्थ्य विभाग के प्रयास ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है।
भारत सरकार टीबी मुक्त भारत अभियान को सरकार के साथ-साथ समाज की भागीदारी से आगे बढ़ा रही है और इसमें जनभागीदारी पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
जोश टीमों के माध्यम से युवाओं को इस अभियान से जोड़ा जा रहा है। एनसीसी कैडेट और माई भारत स्वयंसेवक अपने क्षेत्र में लोगों को टीबी के लक्षणों, जांच और समय पर इलाज के प्रति जागरूक करेंगे।
युवाओं की सक्रिय भागीदारी से टीबी को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने और जरूरतमंद लोगों को जांच एवं उपचार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि जोश टीमों का गठन ब्लॉक और वार्ड स्तर पर किया जाएगा।
प्रत्येक टीम में 5 एनसीसी कैडेट और 5 माई भारत स्वयंसेवक शामिल होंगे। ये युवा अपने क्षेत्र में टीबी के लक्षणों, जांच और इलाज के बारे में लोगों को जागरूक करेंगे।
साथ ही, समुदाय के बीच नियमित संपर्क बनाए रखते हुए टीबी से जुड़े अभियान में जमीनी स्तर पर सहयोग करेंगे। यह पहल राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत चल रहे प्रयासों को और मजबूत करने में मदद करेगी।
कार्यक्रम के दौरान जोश टीम के सदस्यों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। टीम में 10 एनसीसी कैडेट और 8 माई भारत के स्वयंसेवक शामिल रहे। कार्यक्रम के अंत में सीएमओ ने सभी उपस्थित लोगों ने टीबी मुक्त जनपद बनाने की शपथ दिलाई।
इस मौके पर जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी योगेश रघुवंशी, जिला पंचायती राज अधिकारी, एनसीसी प्रभारी, सहयोगी संस्थाओं ममता,
एचएलएफपीपीटी, पावर विंग्स फाउंडेशन, स्वयंसिद्धा, मारवा फाउंडेशन, निक्षय मित्र प्रदीप गंगवार तथा ऑल इंडिया पयामे इंसानियत के प्रतिनिधि और 10 टीबी चैम्पियन मौजूद रहे।



