परिमेट्री जाँच शुरू होने से मरीजों को मिलेगा बेहतर उपचार – प्रो एमएलबी भट्ट
कैंसर संस्थान में अत्याधुनिक पेरिमेट्री मशीन का उद्घाटन

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। नेत्र रोगियों के लिए अत्याधुनिक जाँच सुविधा की शुरुआत की गयी। गुरुवार को
कल्याण सिंह अति विशिष्ट कैंसर संस्थान में नेत्र विभाग के अंतर्गत अत्याधुनिक पेरिमेट्री (Perimetry) मशीन का उद्घाटन संस्थान निदेशक प्रो. ऍमएलबी भट्ट द्वारा किया गया।
संस्थान में विश्व दृष्टि दिवस पर किया गया। इस वर्ष विश्व दृष्टि दिवस की थीम “लव योर आईज ” रही। वहीं
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संस्थान के निदेशक प्रो एमएलबी. भट्ट उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. अपजीत कौर, विभागाध्यक्ष, नेत्र विभाग, KGMU तथा विशेष अतिथि के रूप में डॉ. प्रीती गुप्ता, असिस्टेंट प्रोफेसर, RMLIMS उपस्थित रहीं।
इस अवसर पर डॉ. शिल्पी दुबे, असिस्टेंट प्रोफेसर, नेत्र विभाग ने बताया कि परिमेट्री एक उन्नत नेत्र जांच तकनीक है। जिसके माध्यम से रोगी के दृष्टि क्षेत्र (Visual Field) का सटीक एवं विस्तृत मूल्यांकन किया जाता है।
यह जांच विशेष रूप से ग्लूकोमा (काला मोतिया), ऑप्टिक नर्व से संबंधित विकारों, ब्रेन ट्यूमर से जुड़ी दृष्टि समस्याओं तथा मस्तिष्क से संबंधित अन्य दृष्टि जटिलताओं के मूल्यांकन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। साथ ही
संस्थान के निदेशक प्रो. एमएलबी भट्ट ने कहा कि परिमेट्री जैसी अत्याधुनिक सुविधा के प्रारंभ होने से मरीजों को बेहतर एवं समग्र उपचार की सुविधा एक ही संस्थान में उपलब्ध हो सकेगी।
प्रो. अपजीत कौर ने कहा कि चिकित्सा का मूल उद्देश्य केवल रोग का उपचार करना नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना एवं सेवा भाव के साथ मरीजों की बेहतर देखभाल करना भी है।
संस्थान में नेत्र सेवाओं का विस्तार इसी सेवा भावना की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। संस्थान का उद्देश्य मरीजों को एक ही छत के नीचे समग्र, गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है। नेत्र विभाग में अत्याधुनिक परिमेट्री मशीन की शुरुआत इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में संस्थान के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजेंद्र, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वरुण विजय, डीन डॉ. प्रमोद कुमार गुप्ता, कार्यकारी कुलसचिव डॉ. आयुष लोहिया सहित अन्य संकाय सदस्य रेजिडेंट्स, नर्सिंग स्टाफ, कर्मचारी तथा मरीजों के तीमारदार उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ.शिवम् द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में डॉ. अंशु, डॉ.शालिनी कन्नौजिया, चित्रा शर्मा, पूजा यादव एवं मनोज की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



