रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के स्नेह का पर्व नहीं- प्रो एमएलबी भट्ट
बहनों ने संस्थान निदेशक को बाँधी राखी

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी में बहनों ने डॉक्टरों को राखी बाँधकर मीठा खिलाया। गुरुवार को
कल्याण सिंह कैंसर संस्थान में “राष्ट्र सेविका समिति, संपर्क विभाग, अवध प्रान्त” द्वारा समिति के 90 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में “रक्षाबंधन कार्यक्रम” आयोजित किया गया।
कार्यक्रम पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र प्रचारिका शशि दीदी के संरक्षण में संपन्न हुआ। वहीं बहनों ने संस्थान के निदेशक प्रो.एमएलबी भट्ट को राखी बाँधकर मीठा खिलाया ।
प्रो भट्ट ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के स्नेह का पर्व नहीं, बल्कि समाज में आपसी विश्वास, आत्मीयता, सेवा और सामाजिक समरसता का संदेश देने वाला पर्व है।
राष्ट्र सेविका समिति द्वारा स्वास्थ्य संस्थान में कार्यरत चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य कर्मचारियों के साथ रक्षाबंधन मनाना सेवा और सामाजिक जुड़ाव की एक सराहनीय पहल है।
संपर्क प्रमुख, अवध प्रान्त, सावित्री सिंह ने कहा कि राष्ट्र सेविका समिति के 90 वर्ष पूर्ण होने का यह अवसर सेवा, संस्कार और राष्ट्र समर्पण की भावना को और मजबूत करने का अवसर है।
स्वास्थ्य सेवाओं में दिन-रात समर्पित भाव से कार्य करने वाले चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य कर्मचारी समाज की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर राष्ट्र सेविका समिति की बहनों ने संस्थान के पुरुष एवं महिला चिकित्सकों, प्रशासनिक अधिकारियों, नर्सिंग स्टाफ तथा अन्य कर्मचारियों को राखी बांधी। साथ ही, समिति के 90 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 90 नर्स बहनों को विशेष रूप से राखी बांधकर रक्षाबंधन पर्व मनाया गया।
कार्यक्रम में राष्ट्र सेविका समिति की ओर से संपर्क प्रमुख अवध प्रान्त सावित्री सिंह प्रचार टोली सदस्य एवं राज्य महिला आयोग की सदस्य अंजू प्रजापति, लखनऊ विभाग कार्यवाहिका कंचन, लखनऊ विभाग व्यवस्था प्रमुख रीता
भट्ट, संपर्क प्रमुख पूर्वी भाग विधु, संपर्क प्रमुख दक्षिण भाग वंदना खरे, दक्षिण भाग सेवा प्रमुख रेखा सहित गायत्री नगर की अन्य बहनें उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम में संस्थान के संकाय सदस्य, रेजिडेंट चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे। रक्षाबंधन कार्यक्रम ने संस्थान के चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं कर्मचारियों के बीच आत्मीयता, सौहार्द और सामाजिक समरसता का सन्देश दिया।



