नैक बाइनरी एक्रेडिटेशन का संकाय संवाद सत्र
आरएमएल में विभिन्न चिकित्सा संस्थानों के विषय विशेषज्ञों ने दी जानकारी

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी में नैक बाइनरी एक्रेडिटेशन का संकाय संवाद सत्र चलाया गया। मंगलवार को
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान निदेशक के मार्गदर्शन में दो दिवसीय ” नैक बाइनरी एक्रेडिटेशन के लिए संकाय संवाद सत्र” का दिनांक- 18 एवं 19 मई 2026 को आयोजित किया गया।
यह पहल संस्थान की गुणवत्ता संवर्धन, शैक्षणिक उत्कृष्टता और नैक एक्रेडिटेशन के लिए संस्थागत तैयारी के प्रति चल रही प्रतिबद्धता के एक हिस्से के रूप में की गई थी।
इससे संस्थान की आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) और गुणवत्ता प्रकोष्ठ द्वारा किया गया था। जिसमें विशिष्ट शिक्षाविदों, वरिष्ठ संकाय सदस्यों और नैक कोर समिति के सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण और सम्मान समारोह के साथ हुई। जिसके बाद तुमकुर विश्वविद्यालय के प्रो एस. श्रीनिवास और केएलईएफ डीम्ड विश्वविद्यालय, गुंटूर के डीन (गुणवत्ता) प्रो के. रामकृष्ण द्वारा विशेषज्ञ व्याख्यान दिए गए।
वक्ताओं ने नैक बाइनरी एक्रेडिटेशन के लिए आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन उपायों के महत्वपूर्ण पहलुओं और चिकित्सा संस्थानों में उद्योग-शिक्षा जगत के संबंधों को मजबूत करने के महत्व पर प्रकाश डाला।
इसके बाद एक विस्तृत और अत्यधिक संवादात्मक सत्र हुआ। जिसमें संकाय सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और नैक एक्रेडिटेशन के लिए आवश्यक शासन, प्रशासन, पाठ्यक्रम, शिक्षण-अधिगम पद्धतियों, अनुसंधान और नवाचार परिणामों, स्थिरता पहलों, प्रलेखन और डेटा प्रबंधन प्रक्रियाओं के संबंध में स्पष्टीकरण मांगे।
विषय विशेषज्ञों में एसजीपीजीआई के प्रो. हर्ष वर्धन और केजीएमयू की प्रो. अनीता रानी – द्वारा जानकारी साझा की गईं। वहीं
सत्र समापन के बाद सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन आयोजन अध्यक्ष प्रो.राजन भटनागर और आयोजन सचिव प्रो. स्मिता चौहान के मार्गदर्शन में, आयोजन टीम, आईक्यूएसी नैक कोर समिति के सहयोग से किया गया।



