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हर नवजात के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी हमारी: ब्रजेश पाठक

  • आशा कार्यकर्ताओं ने देखभाल में दिखाई सक्रियता

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। आशा कार्यकर्ताओ ने देखभाल में सक्रियता दिखाई। प्रदेश में नवजात शिशुओं की सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य के लिए अस्पताल से घर पहुंचने के बाद भी उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। होम बेस्ड न्यूबॉर्न केयर (एचबीएनसी) कार्यक्रम के तहत आशा कार्यकर्ताओं की सक्रियता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 36.82 लाख नवजातों के घर विजिट करने वाली आशा कार्यकर्ताओं ने वर्ष 2025-26 में 39.32 लाख होम विजिट किए। इस तरह एक वर्ष में होम विजिट की संख्या में करीब 6.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि नवजात शिशु के लिए जन्म के बाद के शुरुआती दिन बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद घर पर उसकी नियमित निगरानी और सही देखभाल से कई स्वास्थ्य समस्याओं की समय रहते पहचान की जा सकती है। एचबीएनसी के माध्यम से आशा कार्यकर्ता घर-घर पहुंचकर नवजात और मां की स्थिति की जानकारी ले रही हैं तथा परिवार को आवश्यक स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी परामर्श दे रही हैं।

उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं द्वारा स्वच्छता, नवजात को पर्याप्त गर्माहट देने, संक्रमण से बचाव और समय से टीकाकरण के प्रति परिवारों को जागरूक किया जा रहा है। साथ ही बच्चे में बीमारी के शुरुआती संकेत दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र अथवा अस्पताल ले जाने की सलाह दी जाती है। इससे गंभीर स्थिति उत्पन्न होने से पहले उपचार शुरू करने में मदद मिलती है।

डेढ़ लाख से अधिक गंभीर नवजातों को मिला उपचार..

डिप्टी सीएम ने बताया कि प्रदेश में गंभीर रूप से बीमार नवजातों के लिए अस्पतालों में उपलब्ध विशेष उपचार सुविधाओं को भी लगातार मजबूत किया जा रहा है। सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में उपचार प्राप्त करने वाले गंभीर नवजातों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1,36,148 गंभीर नवजातों का एसएनसीयू में उपचार किया गया था, जबकि 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 1,53,647 हो गई। यानी एक वर्ष में गंभीर नवजातों के उपचार में करीब 12.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। इसी अवधि में एसएनसीयू की बेड ऑक्यूपेंसी 103.45 प्रतिशत से बढ़कर 111.69 प्रतिशत पहुंच गई।

बीमारी के संकेतों की समय पर पहचान पर जोर..

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि नवजात की बेहतर सेहत के लिए केवल अस्पताल में उपचार पर्याप्त नहीं है, बल्कि घर लौटने के बाद भी उनकी नियमित निगरानी जरूरी है। इसी उद्देश्य से एचबीएनसी के तहत आशा कार्यकर्ताओं को नवजात की देखभाल और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी परिवार तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है।

सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण देखभाल..

डिप्टी सीएम ने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर नवजात को जीवन के शुरुआती दिनों में सुरक्षित, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध कराना है। घर-घर स्वास्थ्य निगरानी और एसएनसीयू जैसी विशेष सेवाओं के विस्तार से नवजातों को समय पर उपचार मिल रहा है और उन्हें स्वस्थ जीवन की बेहतर शुरुआत देने की दिशा में प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है।

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