राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर 31 यूनिट स्वैच्छिक रक्तदान
संस्थान निदेशक ने रक्तदाताओं को दी बधाई

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर 31 यूनिट स्वैच्छिक रक्तदान हुआ।
गुरुवार को राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया गया।
इस वर्ष की थीम “वन ड्राप ऑफ़ हुमानिटी . गिव ब्लड . सेव लाइवस ” रही, जो स्वैच्छिक रक्तदान के माध्यम से मानव जीवन बचाने के महत्व को रेखांकित करती है।
स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल, उत्तर प्रदेश द्वारा उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक स्वैच्छिक रक्तदान कराने के लिए ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग को तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान विभाग द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने तथा जरूरतमंद मरीजों के लिए सुरक्षित एवं पर्याप्त रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों की महत्वपूर्ण पहचान है।
वहीं रक्तदान शिविर का उद्घाटन संस्थान निदेशक प्रो सीएम सिंह, कार्यकारी कुलसचिव एवं विभागाध्यक्ष, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग प्रो सुब्रत चंद्रा, तथा कार्डियोलॉजी विभाग के प्रो भुवन चंद्र तिवारी की उपस्थिति में किया गया।
शिविर में संस्थान के चिकित्सकों, कर्मचारियों एवं अन्य स्वयंसेवी रक्तदाताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा कुल 31 यूनिट स्वैच्छिक रक्तदान किया गया।
इस अवसर पर रक्तदाताओं को स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व के बारे में जागरूक किया गया तथा यह संदेश दिया गया कि रक्त की प्रत्येक बूंद किसी जरूरतमंद मरीज के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकती है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अनुभा श्रीवास्तव एवं डॉ. अरविंद कुमार सिंह तथा सीनियर रेजिडेंट डॉ. बृजेश, डॉ. पारुल एवं डॉ. मनोज की सक्रिय भूमिका रही।
विभागीय टीम के समन्वित प्रयासों एवं रक्तदाताओं के उत्साहपूर्ण सहयोग से यह शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस अवसर पर प्रो सीएम सिंह ने सभी रक्तदाताओं एवं ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की टीम को बधाई दी तथा स्वैच्छिक रक्तदान की महत्ता पर जोर दिया।
प्रो सुब्रत चंद्रा, कार्यकारी कुलसचिव एवं विभागाध्यक्ष, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग ने नियमित स्वैच्छिक रक्तदान को सुरक्षित रक्त की उपलब्धता का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए समाज के अधिक से अधिक लोगों से इस मानवीय कार्य में भाग लेने की अपील की।
प्रो भुवन चंद्र तिवारी, कार्डियोलॉजी विभाग ने अपने संबोधन में रक्त की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रक्त किसी कृत्रिम माध्यम से निर्मित नहीं किया जा सकता और इसकी उपलब्धता मुख्यतः स्वैच्छिक रक्तदाताओं पर निर्भर करती है।
उन्होंने नियमित स्वैच्छिक रक्तदान को एक महत्वपूर्ण सामाजिक एवं मानवीय जिम्मेदारी बताते हुए लोगों से आगे बढ़कर रक्तदान करने की अपील की।
ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग ने सभी रक्तदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आमजन से नियमित एवं स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की।



