कैंसर संस्थान में साइटोलॉजी लैब की शुरुआत
ऑटोमेटेड लिक्विड-बेस्ड साइटोलॉजी के माध्यम से PAP स्मीयर की निःशुल्क जांच

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। कैंसर मरीजों के उपचार के लिए जाँच सुविधाएं बढ़ाई गयी।
गुरुवार को कल्याण सिंह अति विशिष्ट कैंसर संस्थान के ऑन्कोपैथोलॉजी विभाग द्वारा कैंसर की शीघ्र पहचान एवं सटीक उपचार को बढ़ावा देने के लिए उन्नत सुविधाओं से युक्त साइटोलॉजी लैब विकसित की गई है।
इस लैब में वर्तमान में ऑटोमेटेड लिक्विड-बेस्ड साइटोलॉजी सिस्टम के माध्यम से PAP स्मीयर की निःशुल्क जांच की जा रही है। यह जाँच बच्चेदानी के मुँह के कैंसर के लिए इस्तेमाल होती हो जिससे कि कैंसर बनने से पहले ही इसका पता लगाया जा सके। वहीं
संस्थान के निदेशक प्रो. एमएलबी भट्ट ने कहा कि आधुनिक डायग्नोस्टिक तकनीकों की उपलब्धता से कैंसर की समय रहते पहचान तथा मरीजों के लिए उपयुक्त उपचार रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण सहायता मिल रही है।
संस्थान का उद्देश्य अत्याधुनिक कैंसर जांच सुविधाओं को मरीजों तक सुलभ एवं किफायती रूप में पहुंचाना है।
ऑन्कोपैथोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. दीप्ति मिश्रा ने बताया कि DIAMOnDS योजना के अंतर्गत फेफड़े एवं स्तन कैंसर के मरीजों के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण मॉलिक्यूलर एवं बायोमार्कर जांच निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।
फेफड़े के कैंसर में ALK, PD-L1, ROS1 एवं EGFR, जबकि स्तन कैंसर में ER, PR, HER2 एवं Ki-67 जैसे महत्वपूर्ण बायोमार्कर की जांच की जा रही है।
DIAMOnDS योजना डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ रिसर्च (DHR), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली द्वारा वित्तपोषित है।
सामान्यत: विभिन्न डायग्नोस्टिक सेंटरों एवं अस्पतालों में इन जांचों पर लगभग ₹2,000 से ₹15,000 तक का खर्च आ सकता है। लेकिन इस योजना के अंतर्गत पात्र मरीजों को ये जांच निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।
संस्थान में स्थित DIAMOnDS सेंटर एक रेफरल सेंटर के रूप में कार्य कर रहा है। फेफड़े एवं स्तन कैंसर के मरीजों को मॉलिक्यूलर बायोमार्कर जांच के लिए संबंधित बायोप्सी स्पेसिमेन/FFPE टिशू ब्लॉक उपलब्ध कराना होता है। जिसके आधार पर आवश्यक जांच की जाती है।
वर्ष 2023 से 2025 के दौरान इस योजना के अंतर्गत फेफड़े एवं स्तन कैंसर के 1,000 से अधिक मरीजों को निःशुल्क मॉलिक्यूलर बायोमार्कर जांच का लाभ प्राप्त हुआ है।
इन उन्नत जांचों का प्रमुख उद्देश्य कैंसर का समय पर निदान, रोग की जैविक विशेषताओं की पहचान तथा मरीज के लिए उपयुक्त टार्गेटेड एवं व्यक्तिगत उपचार की दिशा में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना है।
मॉलिक्यूलर बायोमार्कर की जांच से उपयुक्त मरीजों में लक्षित उपचार शुरू करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है।
संस्थान द्वारा उपलब्ध कराई जा रही ये निःशुल्क उन्नत जांच सुविधाएं आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद कैंसर मरीजों के लिए विशेष रूप से लाभकारी हैं तथा संस्थान की सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक कैंसर चिकित्सा उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती हैं।



