एफएसडीए ने सरकारी निजी अस्पतालों की फार्मेसी का किया निरीक्षण
अस्पतालों की फार्मेसी में मिली कमियां, थमाई नोटिस

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। सरकारी निजी अस्पतालों की फार्मेसी की पड़ताल की गयी। शनिवार को
उत्तर प्रदेश में आम जनमानस को उचित दर पर गुणवत्तापूर्ण औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा 29 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलाए गए प्रदेश व्यापी अभियान के
अंतर्गत 17 जनपदों में कुल 09 सरकारी मेडिकल कालेज, 11 निजी मेडिकल कालेजों तथा 32 निजी अस्पतालों की फार्मेसी की सघन जांच की गई। वहीं जाँच के दौरान लाइसेंस विवरण एवं क्रय विक्रय संबंधी अनियमितताएं पायी गयी। जिसमें
टेंडर पाल्म, लखनऊ, टीएस मेडिकल कॉलेज, लखनऊ, वाराणसी हॉस्पिटल, वाराणसी, एपेक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, वाराणसी, फोर्टिस हॉस्पिटल, नोएडा,
सर्वोदय हॉस्पिटल, नोएडा में संस्थानों की फार्मेसियों में लाइसेंस, बिक्री बिलों पर पते की भिन्नता, तथा स्टॉक, बिक्री रिकॉर्ड में अनियमितताएं पाई गईं। साथ ही जाँच में
जावित्री हॉस्पिटल, लखनऊ में संचालित थोक फर्म में भंडारण व्यवस्था एवं रख रखाव सम्बधी अनियमितता के दृष्टिगत 22 (1) (d) के अंतर्गत औषधियों के विक्रय पर रोक लगाई गई।
फार्मेसिस्ट मिले नदारद..
वाराणसी हॉस्पिटल, वाराणसी में फार्मासिस्टों की उपस्थिति और मैपिंग को लेकर कमियां पाई गईं।इसके अलावा कोल्ड चेन एवं तापमान रखरखाव संबंधी कमियां पायी।
टीएस मेडिकल कॉलेज, लखनऊ, क्लाउड नाइन, लखनऊ, फेलिक्स हॉस्पिटल, नोएडा में तापमान लॉगर या कोल्ड चेन संधारण मानकों में कमियां दर्ज की गईं।
फ़ोर्टिस हॉस्पिटल, नोएडा यहाँ मूल्य निर्धारण से संबंधित विसंगतियां व DPCO प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया है।
निजी अस्पतालों की फार्मेसियों में निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि निर्माता कंपनियों द्वारा प्रिंटेड MRP अत्यधिक ऊंची रखी जा रही है।
जबकि अस्पताल इन्हें बहुत कम क्रय मूल्य पर प्राप्त कर रहे हैं। फिर भी मरीजों को बिना किसी उचित छूट के लगभग पूरी MRP पर दवाएं बेची जा रही हैं।
एफएसडीए टीम ने अस्पतालों, सप्लायर्स और निर्माता फर्मों को नोटिस प्रेषित कर स्पष्टीकरण मांगा गया। जहाँ गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। वहां औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 के अंतर्गत नोटिस कार्रवाई की गयी।



