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100 दिवसीय टीबी मुक्त अभियान की शुरुआत 

क्षेत्रीय विधायक ने फीता काटकर अभियान का किया शुभारम्भ 

 

लखनऊ,भारत प्रकाश न्यूज़। टीबी मुक्त भारत बनाने के लिए अभियान की शुरुआत की गयी।

सोमवार को प्रदेश को टीबी मुक्त करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा काकोरी ब्लॉक के गांव अमेठिया सलेमपुर के पंचायत भवन एवं मलिहाबाद ब्लॉक के कनार गांव के प्राथमिक विद्यालय में निक्षय शिविर लगाकर 100 दिवसीय टीबी अभियान का शुभारंभ किया गया।

अभियान का शुभारम्भ क्षेत्रीय विधायक जया देवी द्वारा फीता काटकर किया गया।

क्षेत्रीय विधायक ने कहा कि 100 दिवसीय टीबी अभियान का उद्देश्य है कि गाँव-गाँव में टीबी की इलाज और जांच की सुविधा पहुँचें। जिससे कि कोई भी मरीज छूट न जाए। उन्होंने मानस से शिविर का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि 100 दिवसीय टीबी अभियान के तहत राज्य से प्राप्त सूची के अनुसार जनपद के आठ ब्लॉक के 167 हाई रिस्क गांवों में रोस्टर के अनुसार

स्वास्थ्य शिविर लगाकर संभावित टीबी रोगियों का एक्सरे, एचआईवी, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और हीमोग्लोबिन की जांच की जाएगी। टीबी की पुष्टि होने पर उनका इलाज शुरू किया जाएगा और उन्हें निक्षय पोर्टल पर अंकित किया जाएगा।

टीबी मुक्त जनपद के क्रम में जरूरी है कि जल्द से जल्द टीबी मरीजों की पहचान कर इलाज सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही लोगों को लक्षणों, जांच और इलाज के बारे में भी जागरूक किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि टीबी पूरी तरह से ठीक हो सकती है बशर्ते नियमित इलाज लें। शिविर में लोगों को सभी जाँचें और सेवाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि दो सप्ताह से ज्यादा खांसी, बुखार, वजन का कम होना, रात में पसीना आदि टीबी के प्रमुख लक्षण हैं।

यदि यह लक्षण दिखाई दें तो छुपायें नहीं बल्कि स्वास्थ्य शिविर में आकर जांच कराएं। शिविरों में एआई बेस्ड हैंड होल्डिंग एक्सरे मशीन के माध्यम से त्वरित जांच हो रही है। जिससे मरीजों की शीघ्र पहचान सुनिश्चित हो रही है।

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ.एके सिंघल ने बताया कि इस अभियान के तहत सोमवार को काकोरी और मलिहाबाद में एक-एक तथा सरोजिनीनगर ब्लॉक के परवर पश्चिम तथा सहजनपुर गाँव मे 2-2 शिविर लागए गए।

इन शिविरों में रक्तचाप, मधुमेह, हीमोग्लोबिन, बीएमआई, आयुष्मान कार्ड, आभा कार्ड आदि के साथ साथ मौके पर ही डार्क रूम सहायक यदुवेन्द्र, धीरेन्द्र द्वारा सम्भावित मरीजों का एआई बेस्ड हैंड होल्डिंग एक्सरे मशीन दवरा एक्सरे किया गया।

जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी योगेश रघुवंशी ने बताया कि इन चार निक्षय शिविरों में कुल 524 लोगों के हीमोग्लोबिन , डायबिटीज, बॉडी मास इंडेक्स और बीपी की जांच हुई ।

इसके साथ ही टीबी के संभावित लक्षणों के आधार पर 290 लोगों का एआई आधारित हैंड होल्डिंग मशीन से एक्सरे में सभी स्वस्थ पाए गए ।

काकोरी में 102,मलिहाबाद में 28 और सरोजिनी नगर में 160 लोगों का एक्सरे किया गया । इसके साथ ही काकोरी में दो लोगों, मलिहाबाद में छह और सरोजनीनगर में 15 लोगों के बलगम की जांच की गई ।

सीएचसी अधीक्षक काकोरी डॉ केडी मिश्रा ने बताया कि इस अभियान के तहत् ब्लॉक के 19 गांवों को चिन्हित किया गया है। जहाँ निर्धारित तिथियों को स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे।

अधीक्षक मलिहाबाद डॉ अशोक कुमार ने बताया कि उनके क्षेत्र में 11 उच्च जोखिम वाले गांवों में निक्षय शिविरों का आयोजन किया जाएगा।

विधायक द्वारा शिविर का निरीक्षण किया गया।

उद्घाटन समारोह में विधायक के अतिरिक्त दोनों गांव के ग्राम प्रधान, संबंधित क्षेत्र के सीएचओ, विशेषज्ञ चिकित्सक,जिला पीपीएम को ऑर्डिनेटर रामजी वर्मा , एचईओ राजेश सिंह,टीबी यूनिट से सुजीत कुमार,विजय कुमार मौर्य, सुधीर अवस्थी, मनीष सिंह,अल्ताफ अनीस सहित आशा वर्कर,स्थानीय लोग मौजूद रहे।

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