उत्तर प्रदेशजीवनशैलीबड़ी खबरराष्ट्रीय

एसजीपीजीआई ब्रेस्ट कोर्स 2026 का शुभारंभ

स्तन कैंसर पर आधारित सम्मेलन में देश दुनिया के संकाय सदस्य हुए शामिल 

 

लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। राजधानी में स्तन कैंसर के नवीनतम सर्जिकल तरीकों की खोज के लिए सम्मेलन किया गया। शुक्रवार को

एसजीपीजीआई ब्रेस्ट कोर्स 2026 व इंडियन एसोसिएशन ऑफ एंडोक्राइन सर्जन्स (आईएईएस मिडकॉन) का मध्यावधि सम्मेलन, जिसका आयोजन एसजीपीजीआई के एंडोक्राइन और ब्रेस्ट सर्जरी विभाग द्वारा

इंडियन एसोसिएशन ऑफ एंडोक्राइन सर्जन्स, एसजीपीजीआई ब्रेस्ट हेल्थ प्रोग्राम और एसजीपीजीआईएमएस के पैथोलॉजी और रेडियोथेरेपी विभागों के सहयोग से किया गया। राजधानी के एक होटल में सम्मेलन शुरू हुआ।

जिसमें “स्तन कैंसर में परिशुद्धता, संरक्षण और वैयक्तिकरण” विषय पर आधारित सम्मेलन में देश, विदेश से 130 से अधिक संकाय सदस्य, 110 प्रतिनिधि और 100 से अधिक स्नातक छात्र स्तन कैंसर देखभाल में विकसित हो रहे दृष्टिकोणों पर विचार-विमर्श करने के लिए एकत्रित हुए। वहीं

सम्मेलन के पहले दिन स्तन कैंसर सर्जरी में हुई प्रगति पर ध्यान केंद्रित किया गया। विशेष रूप से उन तकनीकों पर जो प्रभावी कैंसर नियंत्रण के साथ-साथ बेहतर कॉस्मेटिक और कार्यात्मक परिणाम प्रदान करती हैं।

वीडियो-आधारित प्रदर्शनों के माध्यम से, विशेषज्ञों ने ऑन्कोप्लास्टिक प्रक्रियाओं, पुनर्निर्माण विकल्पों और उभरते न्यूनतम इनवेसिव दृष्टिकोणों को प्रदर्शित किया। जिसमें व्यक्तिगत और रोगी-केंद्रित देखभाल पर बढ़ते जोर को उजागर किया गया।

चर्चाओं में चुनिंदा रोगियों में कम व्यापक सर्जरी की ओर चल रहे बदलाव पर भी ध्यान दिया गया। जिसका उद्देश्य ऑन्कोलॉजिकल सुरक्षा बनाए रखते हुए उपचार से संबंधित दुष्प्रभावों को कम करना है।

न्यूनतम इनवेसिव और रोबोटिक तकनीकों पर सत्रों ने प्रौद्योगिकी की बढ़ती भूमिका के साथ-साथ सावधानीपूर्वक चयन और संदर्भ-विशिष्ट अनुप्रयोग की आवश्यकता को दर्शाया।

पाठ्यक्रम की एक प्रमुख विशेषता इसका बहु-विषयक ढांचा था। जिसमें विभिन्न विशिष्टताओं में समानांतर शैक्षणिक सत्र आयोजित किए गए। स्तन इमेजिंग, इमेज-गाइडेड प्रक्रियाओं और कीमोपोर्ट (TIVAD) प्रत्यारोपण

और उपयोग पर कार्यशालाओं को पैथोलॉजी, रेडियोथेरेपी योजना, बहु-विषयक केस-आधारित विचार-विमर्श और स्नातक शिक्षा में समर्पित सत्रों द्वारा पूरक किया गया, जो स्तन कैंसर में समन्वित, टीम-आधारित प्रबंधन के महत्व को रेखांकित करता है।

समारोह शाम 5:30 बजे शुरू हुआ और इसमें एसजीपीजीआईएमएस के निदेशक डॉ. आरके धीमन और एसजीपीजीआईएमएस के डीन डॉ. शालीन कुमार, वरिष्ठ संकाय सदस्यों, राष्ट्रीय विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

संस्थान निदेशक ने स्तन शल्य चिकित्सा विभाग के निरंतर प्रयासों को सराहा 

अपने अध्यक्षीय भाषण में प्रोफेसर आरके धीमन ने पाठ्यक्रम के आयोजन में अंतःस्रावी और स्तन शल्य चिकित्सा विभाग के निरंतर प्रयासों की सराहना की और पाठ्यक्रम के विषय, “स्तन कैंसर में परिशुद्धता, संरक्षण

और वैयक्तिकरण” की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने सम्मेलन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं और रोगी देखभाल को आगे बढ़ाने में ऐसे शैक्षणिक मंचों के महत्व पर बल दिया।

शाम का मुख्य आकर्षण एसजीपीजीआई ब्रेस्ट ओरेशन 2026 था, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त विशेषज्ञ डॉ. मिकेल हार्टमैन (सिंगापुर राष्ट्रीय विश्वविद्यालय) ने “स्तन कैंसर देखभाल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” विषय पर प्रस्तुत किया।

इस व्याख्यान में उभरती प्रौद्योगिकियों के माध्यम से प्रारंभिक पहचान, नैदानिक ​​निर्णय लेने और व्यक्तिगत उपचार रणनीतियों में संभावित परिवर्तन पर प्रकाश डाला गया।

उद्घाटन समारोह में “एसजीपीजीआई ब्रेस्ट कोर्स मैनुअल” का अनावरण और विभाग के संकाय सदस्यों द्वारा लिखित पुस्तक “एसेंशियल्स ऑफ ब्रेस्ट सर्जरी” का विमोचन भी हुआ। यह एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि है और संरचित प्रशिक्षण और ज्ञान प्रसार के प्रति एसजीपीजीआई की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता है।

इस समारोह ने तीन दिवसीय पाठ्यक्रम की नींव रखी, जिसमें समकालीन स्तन कैंसर प्रबंधन पर गहन चर्चा के लिए देश और विदेश के विशेषज्ञ, प्रशिक्षु और स्वास्थ्य सेवा पेशेवर एक साथ आएंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button