पीएमआर विभाग ने हेड इंजरी पर चलाया जागरूकता अभियान
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सिर की चोट के रोगियों की रोकथाम पर किया जागरूक

पीएमआर विभाग ने हेड इंजरी पर चलाया जागरूकता अभ
लखनऊ, भारत प्रकाश न्यूज़। हेड इंजरी दिवस पर पीएमआर विभाग द्वारा जागरूक किया गया।
शुक्रवार को एसजीपीजीआई के फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन विभाग (पीएमआर) ने एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में विश्व हेड इंजरी दिवस पर हेड इंजरी के बारे में जागरुक किया गया ।जिसमें ट्रॉमैटिक ब्रेन इंजरी (टीबीआई) के रोगियो व उनकी देखभाल करने वालों को रोगी की दीर्घकालिक देखभाल में पुनर्वास की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में शिक्षित किया।
सत्र के दौरान टीबीआई से बचे लोगों उनके परिवार के सदस्यों और स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों की सक्रिय भागीदारी देखी गई। कार्यक्रम में पुनर्वास के लिए एक बहु-विषयक दृष्टिकोण पर जोर दिया गया और इसका उद्देश्य देखभाल करने वालों को दिन-प्रतिदिन के रोगी प्रबंधन के लिए आवश्यक व्यावहारिक ज्ञान और कौशल के साथ सशक्त बनाना है।
हेड इंजरी जागरूकता के प्रमुख बिंदुओ में..
👉 विशेषज्ञों ने पुनर्वास के बारे में इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे प्रारंभिक और संरचित पुनर्वास टीबीआई रोगियों में कार्यात्मक परिणामों और जीवन की गुणवत्ता में काफी सुधार करता है।
👉 चेस्ट फिजियोथेरेपी तकनीक देखभाल करने वालों को श्वसन संबंधी जटिलताओं को रोकने के लिए सरल और प्रभावी तकनीक सिखाने के लिए प्रदर्शन आयोजित किए गए।
👉 फिजियोथेरेपी और व्यावसायिक थेरेपी की भूमिका सत्र में गतिशीलता बहाल करने, दैनिक गतिविधियों में स्वतंत्रता में सुधार लाने और समग्र कार्यात्मक पुनर्प्राप्ति को बढ़ाने पर केंद्रित किया ।
👉 पोषण संबंधी सहायता के बारे में मस्तिष्क की चोट के रोगियों को उपचार और पुनर्प्राप्ति में सहायता के लिए इष्टतम पोषण रणनीतियों पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया था।
👉 व्यवहारिक और भावनात्मक प्रबंधन के लिए सिर की चोट के बाद देखी जाने वाली व्यवहारिक परिवर्तनों, क्रोध के मुद्दों और भावनात्मक चुनौतियों के प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया।
पीएमआर विभाग के संकाय सदस्य ने न्यूरोलॉजिकल चोटों वाले रोगियों के लिए समग्र पुनर्वास और चल रहे समर्थन के लिए संस्थान की प्रतिबद्धता दोहराया ।
यह पहल ट्रॉमैटिक ब्रेन इंजरी से प्रभावित व्यक्तियों के लिए जागरूकता बढ़ाने और परिणामों में सुधार करने में संस्थान निरंतर प्रयासों को दर्शाया गया। वहीं मुख्य अतिथि, एपेक्स ट्रॉमा सेंटर के प्रमुख प्रोफेसर अरुण श्रीवास्तव उपस्थित रहे ।
उन्होंने ट्रॉमैटिक ब्रेन इंजरी (टीबीआई) के रोगियों में शीघ्र हस्तक्षेप और बहु-विषयक पुनर्वास के महत्व पर जोर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत पीएमआर विभाग के अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. सिद्धार्थ राय के संबोधन से हुई। जिन्होंने सिर की चोटों के बढ़ते बोझ और रोगी के परिणामों को बेहतर बनाने में पुनर्वास की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।



